लखनऊ, जेएनएन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ के विभिन्न संस्थानों में अध्ययनरत कश्मीरी छात्रों के साथ संवाद किया। उन सभी से अनुच्छेद 370 हटाने पर राय जानी तथा उनको उत्तर प्रदेश में सुरक्षा तथा सुविधा देने का वादा किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वो सभी छात्रों का स्वागत करते हैं और उन्हें खुशी है कि आप सभी छात्रों से संवाद का मौका मिला। 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास, पांच कालीदास मार्ग पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के साथ अलीगढ़ से आए कश्मीरी छात्रों का स्वागत किया। इसके बाद उनके साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पढाई का माहौल काफी अच्छा है। हम चाहते हैं कि आप लोग यहां पर इसाक लाभ लें। उन्होंने कहा कि आप को श्रेष्ठ सुविधा तथा सुरक्षा देना हमारा काम है। आप जिस काम के लिए यहां पर आए हैं, उसको बेहतर ढंग से अंजाम दें।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कश्मीर के छात्र-छात्रा ज्यादा हैं। यहां पर छात्रों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। हम लोकतांत्रिक समाज में रह रहे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अनुच्छेद 370 को लेकर कश्मीरी छात्रों से बात की। उन्होंने कहा कि हमारे आपके बीच का यह संवाद बेहद गोपनीय है। यह गोपनीय ही रहेगा। सीएम ने कहा कि दूसरे राज्यों के छात्रों से संवाद और बातचीत राज्य की बेहतर छवि के लिए जरूरी है। सीएम योगी ने कहा कि वो सभी छात्रों का स्वागत करते हैं, और उन्हें खुशी है कि आप सभी छात्रों से संवाद का मौका मिला। मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद ही उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि दूसरे राज्यों और विदेश से यूपी में पढ़ाई करने आने वाले छात्रों से संवाद स्थापित किया जाए। साथ ही उन्हें स्थानीय स्तर पर आने वाले दिक्कतों का समाधान भी समय से किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके दो कारण थे, एक तो इन छात्रों को पढ़ाने के लिए इनके माता-पिता फीस के लिए जी तोड़ मेहनत करते हैं और दूसरा वो विश्वास के कारण छात्रों को यूपी भेजते हैं। 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आप सभी लोग अपनी समस्या हमसे बताएं। हम यहां आप को सहयोग करने के लिए हैं। हम अधिकांश समस्याओं का समाधान करने के साथ आपके विश्वास में भी इजाफा करेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तो राज्य स्तर पर मेरी और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि इन छात्रों से संवाद स्थापित किया जाए और उनकी समस्याओं को सुलझाया जाए।साथ ही उन्हें सुरक्षा दी जाए। 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारा राज्य भले ही भिन्न है, यहां संस्कृति भले ही भिन्न है लेकिन आखिरकार आप सभी हमारे बच्चे हैं। मुझे खुशी है कि आज जम्मू-कश्मीर के छात्रों के साथ संवाद शुरू हुआ है। आप सभी अपने मुद्दे बना किसी हिचक के मेरे सामने रख सकते हैं। हो सकता है कि आपकी कुछ समस्याएं हों। आप बेझिझक उसे मेरे सामने रख सकते हैं।

छात्रों की समस्या काे मैं खुद करूंगा मॉनीटर

मुख्यमंत्री ने कहा कई समस्याएं सिर्फ तभी शुरू होती हैं, जब कोई बातचीत नहीं होती। संवाद के अभाव में गंभीर समस्याएं जन्म ले लेती हैं। बातचीत से कई मुद्दे सुलझाए जा सकते हैं और चीजें बेहतर होती हैं। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि आपके कई मुद्दे हों, जिन पर हम केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करें और उन्हें सुलझाएं। कुछ ऐसी भी समस्याएं हो सकती हैं, जिनमें हमें जम्मू-कश्मीर प्रशासन से बातचीत कर उन्हें सुलझाना हो।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने छात्रों से कहा कि आपको मुझसे बातचीत करने में किसी भी प्रकार का कोई संदेह नहीं होना चाहिए। मुझसे की गई कोई भी बात बाहर नहीं जाएगी। आप उत्तर प्रदेश में अगर किसी स्थानीय मुद्दे से जूझ रहे हैं तो उसे हम सुलझाएंगे। मैं खुद समस्या सुलझने तक मॉनीटर करूंगा।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्र राजनीति चरम पर है। यहां पर पढ़ रहे कश्मीर के छात्रों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संवाद के लिए लखनऊ आमंत्रित किया गया था। किसी के भी आने पर जिला प्रशासन ने यहां अन्य संस्थाओं में पढ़ रहे आठ छात्रों को लखनऊ भेजा है।

योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों सूबेभर से कश्मीरी छात्रों को संवाद के लिए बुलाया था। अलीगढ़ से भी 40 छात्रों की सूची मांगी गई। 28 सितंबर संवाद की तिथि तय की गई। प्रशासन ने एएमयू में पढ़ रहे छात्रों से बातचीत की, लेकिन यहां के छात्र तैयार नहीं हुए।उनका तर्क था कि अगर पीएम मोदी या गृहमंत्री अमित शाह मुलाकात के लिए आमंत्रित करेंगे तो उन्हें जाने में गुरेज नहीं हैं। 

 

सीएम योगी आदित्यनाथ मिलने से उनकी समस्याओं को समाधान नहीं होगा। इन छात्रों के जरिये जम्मू-कश्मीर के लोगों को मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की भावनाओं से भी अवगत कराएंगे। इसके लिए विशेष तैयारी की गई है। योगी आदित्यनाथ इस आयोजन के जरिये बड़ा संदेश देना चाहते हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में अध्ययनरत जम्मू-कश्मीर के छात्रों ने इस आमंत्रण को स्वीकार नहीं किया है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्र राजनीति चरम पर है। 

यहां पर पढ़ रहे कश्मीर के छात्रों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संवाद के लिए आज आमंत्रित किया गया था। किसी के भी आने पर जिला प्रशासन ने यहां अन्य संस्थाओं में पढ़ रहे आठ छात्रों को लखनऊ भेजा । सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों सूबेभर से कश्मीरी छात्रों को संवाद के लिए बुलाया था। अलीगढ़ से भी 40 छात्रों की सूची मांगी गई। 28 सितंबर संवाद की तिथि तय की गई। प्रशासन ने एएमयू में पढ़ रहे छात्रों से बातचीत की, लेकिन यहां के छात्र तैयार नहीं हुए। उनका तर्क था कि अगर पीएम मोदी या गृहमंत्री अमित शाह मुलाकात के लिए आमंत्रित करेंगे तो उन्हें जाने में गुरेज नहीं हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ मिलने से उनकी समस्याओं को समाधान नहीं होगा। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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