लखनऊ, जेएनएन। मंगलवार को देर शाम राजधानी लौटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना और उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा से विधानसभा की घटनाओं के बारे में जानकारी ली। भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर की समस्या को सुना और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। गुर्जर ने अपनी पीड़ा सुनाते हुए अपने क्षेत्र के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मनमानी की शिकायत भी दर्ज कराई।

भाजपा विधायक का कहना था कि जनप्रतिनिधियों से भी सम्मानजनक व्यवहार नहीं होता है। मुख्यमंत्री ने सदन में घटित घटना को लेकर नाराजगी जताई तो गुर्जर ने कहा कि उन्होंने केवल अपनी बात के लिए समय मांगा था। वह सदन के भीतर अपनी पीड़ा बयां करना चाहते थे क्योंकि उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी। इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह के अलावा गन्ना मंत्री सुरेश राणा, विधायक सुनील शर्मा, योगेश धामा व अजितपाल त्यागी भी मौजूद थे। 

विधानसभा में भाजपा विधायक के साथ आए पक्ष-विपक्ष

यूं तो विपक्ष के कारण अक्सर ही विधानसभा सदन की कार्यवाही स्थगित होती रही है, लेकिन मंगलवार को पहली बार सत्ता पक्ष के विधायकों के कारण बैठक स्थगित करनी पड़ी। पुलिस उत्पीड़न पर अपनी बात कहना चाह रहे गाजियाबाद की लोनी विधानसभा सीट से विधायक नंद किशोर गुर्जर के समर्थन में उनकी पार्टी के विधायक तो आए ही, विपक्ष भी साथ खड़ा हो गया। अंतत: विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। सदन स्थगित होने के बावजूद भाजपा व विपक्ष के करीब 200 विधायक सदन में ही डटे रहे। 

करीब साढ़े चार घंटे चला घटनाक्रम

पूरा घटनाक्रम करीब साढ़े चार घंटे तक चला। मामले की शुरुआत दोपहर 1:40 बजे हुई। नंद किशोर गुर्जर अपनी बात कहना चाह रहे थे, लेकिन उन्हें मौका न मिला। उनके समर्थन में करीब 100 से अधिक भाजपा विधायक अपने स्थान पर खड़े हो गए। विधायक एकता जिंदाबाद के नारे लगने लगे। विपक्ष के सदस्य भी उनके समर्थन में खड़े हो गए। यह देख पौने दो बजे विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने सदन आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया। फिर भी भाजपा और विपक्ष के सदस्य डटे रहे। इस बीच नंद किशोर के पास मार्शल भी भेजा गया, लेकिन वे सदन से नहीं गए। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, सुरेश राणा व सूर्य प्रताप शाही विधायक नंद किशोर को समझाने उनकी सीट पर गए, लेकिन सफल न हुए। इस बीच सदन में स्थगन का समय 15-15 मिनट करके दो बार और बढ़ाया गया। पौने तीन बजे सदन जब फिर शुरू हुआ तो सत्ता पक्ष के 100 से अधिक विधायक अपने स्थान पर खड़े हो गए। करीब पांच मिनट शोर-शराबे के बीच सदन की कार्यवाही चली। अंतत: विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

शिकायतों का होगा निस्तारण : दीक्षित

विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि विधानसभा के कुछ सदस्यों ने अपनी कठिनाइयां हमें बताई हैं। उनकी शिकायतों के निस्तारण का आश्वासन दिया है। किसी भी सदस्य को यदि कोई दिक्कत है तो समस्या अपने स्तर से हल कराने की कोशिश करूंगा। वहीं नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने कहा कि 169 विधायकों ने डीएम, एसपी को बुलाकर कार्रवाई की मांग की है। यदि सरकार बुधवार को कार्रवाई नहीं करेगी तो फिर धरना दिया जाएगा।

Posted By: Umesh Tiwari

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