रायपुर, नईदुनिया, राज्य ब्यूरो। पेट्रोल-डीजल के दाम परकांग्रेस के प्रदर्शन  को बैलगाड़ी ने बिगाड़ दिया। बुधवार को बैलगाड़ी और साइकिल पर सवार होकर पार्टी के विधायक-नेता विधानसभा चौक तक पहुंचे। जिस बैलगाड़ी पर विधायक बृहस्पति सिंह और चिंतामणि महाराज सवार थे, उसका संतुलन बिगड़ा और दोनों गिर पड़े। हालांकि, दोनों को कोई चोट नहीं आई।

दो बैल भी बाल-बाल बच गए। कुछ विधायक साइकिल पर सवार हुए तो उनके सांसें फूल गईं। कोरबा विधायक जयसिंह अग्रवाल साइकिल छोड़कर गाड़ी पर सवार होने लगे, तभी एक मीडियाकर्मी ने उन्हें कैमरे में कैद करने की कोशिश की। विधायक भड़क गए और धक्का-मुक्की भी करने लगे। 

सुबह 9.30 बजे कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन से नेता-प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव, पीसीसी अध्यक्ष व विधायक भूपेश बघेल समेत लगभग डेढ़ दर्जन विधायकों ने सात बैलगाड़ियों पर सवार होकर विधानसभा की ओर कूच किया। बघेल ने जिस बैलगाड़ी की लगाम (कांसड़ा) संभाल रखी थी, उसके बैल राजीव भवन से बाहर निकलते ही ढलान के कारण सीधे भागने लगे। कुछ नेताओं को सामने दौड़कर बैलों को बाईं तरफ मुड़ने का रास्ता दिखाना पड़ा। इसके बाद एक-एक कर बैलगाड़ियां रवाना हुईं। पीछे रह गए थे, बृहस्पति सिंह, चिंतामणी महाराज समेत कुछ और नेता।

इन दोनों विधायकों के बाद जैसे ही दो-तीन नेता और चढ़े, बैलगाड़ी पीछे से दब गई। सामने का हिस्सा ऊपर उठा और दोनों विधायकों को छोड़कर गाड़ीवान व नेता नीचे कूद गए। पीछे का वजन कम हुआ तो बैलगाड़ी आगे की ओर झुकी। गाड़ीवान ने रस्सी कसकर नहीं बांधी थी, बैल अपनी जगह से खिसक गए। सामने लकड़ी का टेका भी नहीं लगा था। होना क्या था, बैलगाड़ी सामने की तरफ गिरी।

दोनों विधायक नीचे तो नहीं गिरे, लेकिन बैलगाड़ी में ही लुढ़क गए। बाकी विधायक और नेता शंकरनगर से वीआइपी क्लब होते हुए मोवा टर्निंग तक बैलगाड़ी से पहुंचे। इसके बाद सिंहदेव समेत कुछ विधायक साइकिल पर सवार हो गए। नेता-प्रतिपक्ष, विधायक मोहन मरकाम को तो साइकिल से विधानसभा चौक तक पहुंचने में दिक्कत नहीं हुई, लेकिन कई विधायकों की सांसें फूलने लगी। उसमें से एक कोरबा विधायक अग्रवाल भी थे।

तीन जगहों पर पुलिस ने रोका
बैलगाड़ी से विधायक सत्यनारायण शर्मा, मनोज मंडावी, कवासी लखमा, धनेंद्र साहू, दीपक बैज, देवती कर्मा, चुन्नीलाल साहू, शहर जिला अध्यक्ष विकास उपाध्याय, युवा कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारी व अन्य नेता भी विधानसभा चौक तक पहुंचे। रास्ते में तीन जगहों पर पुलिस ने इन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन विधायक और नेता नहीं माने। विधानसभा चौक के आगे पुलिस ने नेताओं को रोक दिया। विधायक बैलगाड़ी पर सवार होकर विधानसभा भवन तक जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने आगे नहीं बढ़ने दिया। अंतत: विधायकों को बैलगाड़ी छोड़ने पड़ी।

बैलगाड़ी-साइकिल के पीछे कार का काफिला
बैलगाड़ी और साइकिल पर सवार विधायकों और नेताओं के पीछे उनकी कार का काफिला चल रहा था। कुछ के अलग-बगल ही कार चल रही थी। जो थका, वह कार पर सवार होता गया। वीआईपी कारों के काफिले के कारण ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित हुई। विधानसभा चौक पर पुलिस ने रोका, तभी विधानसभा उपाध्यक्ष बद्रीधर दीवान पहुंचे, लेकिन उन्हें आगे बढ़ने के लिए रास्ता नहीं मिल पाया। दीवान को वहीं से वापस लौटना पड़ा।

 

Posted By: Arun Kumar Singh