कोलकाता, जागरण संवाददाता। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रविवार को नारद स्टिंग मामले में भाजपा नेता मुकुल रॉय के कोलकाता के एलगिन रोड स्थित आवास पर पहुंची तथा उस घटना की वीडियोग्राफी की, जिसमें गिरफ्तार आईपीएस एसएमएच मिर्जा नेे दावा किया हैै कि उन्होंने भारी भरकम राशि मुकुल राय को दी थी।

सीबीआई के अधिकारियों ने करीब एक घंटे तक वीडियोग्राफी की जिसमें रिकॉर्ड किया गया कि कहां और कैसे मिर्जा ने यह राशि तत्कालीन तृणमूल नेता को दी थी। सीबीआई की टीम घोटाले की जांच के घेरे में आए आईपीएस अधिकारी एसएमएच मिर्जा को लेकर मुकुल रॉय के आवास पर पहुंची थी। इससे पहले रॉय को शुक्रवार को जांच एजेंसी के कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया था लेकिन वह पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों का हवाला देते हुए वहां नहीं गए और उन्होंने समय मांगा था।हालांकि रॉय शनिवार को करीब सवा दो बजे सीबीआई कार्यालय पहुंचे थे।

सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने उनसे तीन घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद रॉय ने कहा कि मैं कानून को मानने वाला नागरिक हूं। जांच एजेंसी जब भी कहेगी, मैं पूछताछ के लिए हाजिर हो जाऊंगा। मुकुल तृणमूल कांग्रेस के संस्थापकों में एक रहे हैं। तृणमूल में नंबर दो नेता रहे मुकुल मामले में 13 अन्य आरोपियों के साथ नामजद हैं।

मालूम हो कि सीबीआई ने गुरुवार को इस स्कैंडल की जांच के सिलसिले में आईपीएस अधिकारी एसएमएच मिर्जा को गिरफ्तार किया था। इन टेपों के 2016 में सामने आने के बाद यह पहली गिरफ्तारी है। फुटेज में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मिलते-जुलते लोग फायदा पहुंचाने के एवज में एक फर्जी कंपनी के प्रतिनिधियों से पैसे लेते हुए नजर आते हैं। रॉय को कथित रूप से नारद वेब पोर्टल के सीईओ मैथ्यू सैम्युएल्स से बातचीत करते हुए दिखाया गया है। रॉय तब तृणमूल कांग्रेस के सांसद थे। सैम्युएल्स ने ही 2014 में यह स्टिंग ऑपरेशन करने का दावा किया था।

 

नारद कांड : मुकुल-मिर्जा को आमने-सामने बैठाकर हुई जिरह

नारद स्टिंग कांड में पूछताछ के लिए शनिवार को हाजिर हुए भाजपा नेता मुकुल रॉय से सीबीआइ ने घंटों पूछताछ की। सीबीआइ ने पहले उन्हें अकेले और फिर आइपीएस अधिकारी एसएमएच मिर्जा के सामने बैठाकर सवाल-जवाब किए। पूछताछ के दौरान दोनों को स्टिंग का वीडियो फुटेज भी दिखाया गया। पूछताछ खत्म होने पर सीबीआइ कार्यालय से बाहर निकलते वक्त मीडिया से बातचीत में मुकुल ने कहा कि वह जांच में पूरी मदद कर रहे हैं और आगे भी करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार में जब कोई गिरफ्तार होता है तो अन्य मामलों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उन्हें फंसाने की कोशिश करती हैं।

पूछताछ के लिए सीबीआइ जितनी बार बुलाएगी, वे हाजिर होकर उनका सहयोग करेंगे।गौरतलब है कि नारद स्टिंग कांड में सीबीआइ ने गत गुरुवार को ब‌र्द्धमान जिले में 2014 में पुलिस अधीक्षक रहे आइपीएस अफसर एसएमएच मिर्जा को गिरफ्तार किया था। मिर्जा मोटी रकम लेते हुए, फोन पर किसी का निर्देश मानते हुए, किसी को फोन पर रुपये पहुंचाने कानिर्देश देने तथा मुकुल का नाम लेते हुए वीडियो फुटेज में दिख रहे हैं, जबकि एक फुटेज में मुकुल को मिर्जा का नाम लेते हुए सुना गया था।

स्टिंग के दौरान मुकुल तृणमूल के महासचिव व राज्यसभा सदस्य थे। सीबीआइ ने मिर्जा की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के लिए शुक्रवार को मुकुल राय को तलब किया था। हाजिर होने की बजाय उन्होंने अपने प्रतिनिधि के हाथों पत्र भेजकर पार्टी के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम का हवाला देकर दो अक्टूबर तक की मोहलत मांगी थी। सीबीआइ ने उनके अनुरोध को खारिज कर एक दिन का समय देते हुए शनिवार को पेश होने का निर्देश दिया था। सूत्रों के अनुसार शनिवार दोपहर करीब दो बजे मुकुल राय सीबीआइ के समक्ष पेश हुए। जांच अधिकारियों ने करीब एक घंटे तक मुकुल से अकेले में पूछताछ की। इसके बाद मिर्जा और मुकुल को आमने-सामने बैठाकर करीब डेढ़ घंटे तक सवाल-जवाब किए। इस दौरान दोनों को स्टिंग के फुटेज भी दिखाए गए।

सूत्रों की मानें तो सीबीआइ ने मुकुल से मिर्जा के साथ संबंध के बाबत पूछताछ की। पूछा कि उन्होंने व्यापारी के वेश में पहुंचे मैथ्यू सैमुअल को मिर्जा के पास क्यों भेजा था? मिर्जा ने एक करोड़ सत्तर लाख रुपये किसके पास भेजे थे? दो बार किस व्यक्ति का फोन मिर्जा के पास आया था, जिसके बाद उन्होंने रुपये भेजने के निर्देश दिए थे? पूछताछ में मुकुल ने बताया कि मैथ्यू उनके पास व्यापार के लिए आए थे। इस पर सीबीआइ ने व्यापारी को पुलिस अधिकारी के पास भेजने का कारण पूछ लिया। मुकुल ने इसका क्या जवाब दिया, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। करीब ढाई घंटे बाद मुकुल राय सीबीआइ कार्यालय से निकल गए।

तृणमूल सांसद बोलीं-हां, चुनाव लड़ने को लिए थे रुपये

नारद स्टिंग कांड में आरोपित तृणमूल सांसद काकुली घोष दस्तीदार ने शनिवार को रुपये लेने की बात कुबूल की। मीडिया से बात करते हुए काकुली ने कहा-हां, मैंने मैथ्यू सैमुअल से अनुदान के तौर पर रुपये लिए थे।' सीबीआइ की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने इसी माह उनकी आवाज के नमूने का परीक्षण किया है। बारासात लोकसभा क्षेत्र से तृणमूल सांसद ने पत्रकारों से कहा, 'मैं मानती हूं कि मैंने मैथ्यू से अनुदान के तौर पर रुपये लिए थे। मेरे पास उसकी रसीद भी है। हर राजनीतिक दल चुनाव लड़ने के लिए अनुदान लेता है। मैंने चुनाव लड़ने के लिए अनुदान लिया था और चुनाव आयोग को भी इस बारे में बताया था।'

 

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Posted By: Sachin Mishra

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