चंडीगढ़, जेएनएन। पंजाब की कैप्‍टन अमरिंदर सिंह सरकार में घमासान थम नहीं रहा है। मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की तकरार घटने के बजाए और बढ़ गई है। कैप्‍टन अमरिंदर का सिद्धू को लेकर रुख आक्रामक हो गया है। 20 दिन बाद भी नए ऊर्जा विभाग का कार्यभार नहीं संभालने के कारण सिद्धू का मंत्री पद खतरे में है। बताया जा रहा है कि कैप्टन ने कांग्रेस आलाकमान को साफ कह दिया है कि सिद्धू अपना नया विभाग ज्वाइन करें अन्‍यथा वह उनकी जगह नया मंत्री बनाएंगे। कैप्‍टन आज दिल्‍ली जाएंगे और इस मामले में कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी से मिलेंगे। दूसरी ओर, सिद्धू का उनके सरकारी दफ्तर से नेमप्‍लेट हटा दिया गया है। इससे सियासी चर्चाएं गर्म हो गई हैं।

कैप्टन आज रवाना होंगे दिल्ली, राहुल से कर सकते हैैं चर्चा

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह आज शाम को दिल्ली जाएंगे। बताया जा रहा है कि वह वहां कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी से मिलेंगे। इससे उनके और नवजोत सिद्धू के बीच विवाद को हवा मिल गई है। दूसरी ओर, पंजाब सचिवालय की पांचवीं मंजिल पर सिद्धू के दफ्तर के बाहर से उनकी नेम प्लेट उतार दी गई है। हालांकि, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऐसा नेम प्लेट बदलने के लिए किया गया है, लेकिन सूत्र बताते हैैं कि मुख्यमंत्री द्वारा कांग्रेस हाईकमान से बात करने के बाद ही सिद्धू को मंत्री बनाए रखने संबंधी फैसला लिया जाएगा।

बाएं-दफ्तर के बाहर पहले लगा नवजोत सिंह सिद्धू का नेम प्‍लेट और दाएं- नेम प्लेट हटाने के बाद स्थिति।

कैप्टन का अल्टीमेटम, सिद्धू मंत्री पद ज्वाइन करें नहीं तो किसी और को दे दी जाएगी जिम्मेदारी

मंत्रियों के विभाग में बदलाव के बाद सिद्धू ने 20 दिन बाद भी अपने नए महकमे (ऊर्जा विभाग) का कार्यभार नहीं संभाला है। इससे ऊर्जा विभाग का कामकाज प्रभावित हो रहा है। कैप्टन अमरिंदर इससे बेहद नाराज बताए जाते हैं। कहा जा रहा है वह अब सिद्धू को और बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं। कैप्‍टन ने कांग्रेस हाईकमान तक भी यह संदेश भिजवा दिया है। ऐसे में सिद्धू को कैप्टन से नाराजगी महंगी पड़ सकती है और उनका मंत्री पद जा भी सकता है।

कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस हाईकमान को यह साफ संदेश द‍ि दिया कि अगर नवजोत सिंह सिद्धू ने नए विभाग का कार्यभार नहीं संभाला तो उनको हटा कर किसी और को मंत्री बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।उल्लेखनीय है कि कैप्टन ने सिद्धू से स्थानीय निकाय विभाग लेकर ऊर्जा विभाग दे दिया है जिससे वह नाराज हैैं।

बताया जाता है कि कैप्टन अमरिंदर का दिल्‍ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिर सत्ता में आने के बाद नए कैबिनेट मंत्रियों से मिलने का कार्यक्रम है। कैप्टन इस दौरान सिद्धू के मामले को लेकर राहुल गांधी से भी मिल सकते हैं। राहुल ने 27 जून को अपने 12 तुगलक लेन स्थित आवास पर शाम साढ़े चार बजे मीटिंग बुलाई है। यह मीटिंग हरियाणा कांग्रेस में अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर छिड़े घमासान को शांत करने को लेकर है, लेकिन कैप्टन भी राहुल से मिल सकते हैं। संसदीय चुनाव के बाद से कैप्टन अमरिंदर की राहुल गांधी समेत पार्टी लीडरशिप के साथ कोई मीटिंग नहीं हुई है।

दूसरी ओर, सिद्धू और उनके करीबियों पर विजिलेंस का घेरा भी कस सकता है। सिद्धू के स्‍थानीय निकाय मंत्री रहते कुछ महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों के अलॉटमेंट में घोर अनियमितता की शिकायतें हैं। विजिलेंस ब्‍यूरो ने इसकी जांच शुरू कर दी है और बताया जाता है कि इसमें निशाने पर सिद्धू के कुछ करीबी हैं।

बता दें कि कैबिनेट में मंत्रियों के विभागों में बदलाव के 20 दिन बाद भी सिद्धू ने बिजली मंत्री के रूप में कार्यभार नहीं संभाला है। इस समय पंजाब में धान की रोपाई का सीजन जोरों पर चल रहा है और बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बिजली महकमे में मंत्री का होना जरूरी है, लेकिन सिद्धू विभाग से दूरी बनाए हुए हैं।

उन्होंने मीडिया से भी दूरी बना ली है और न ही सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं। हालांकि, मंत्री पद गंवाने के बाद दो-तीन दिन ट्विटर पर शेराे-शायरी के जरिए सक्रिय रहे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राहुल गांधी और महासचिव महासचिव प्रियंका गांधी से भी दिल्ली में मुलाकात की। इसके बाद से वह सार्वजनिक तौर पर नजर नहीं आ रहे हैं और सोशल मीडिया से भी दूर हैं।

बिजली विभाग फाइलों को सीएम ऑफिस भेज रहा है

बता दें कि बिजली विभाग के अधिकारी विभाग के कामकाज को लेकर नवजोत सिद्धू से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सिद्धू उनको कोई रिस्‍पॉन्स नहीं दे रहे हैं। बताया जाता है कि इसके बाद अधिकारियों ने बिजली विभाग की अहम फाइलें मुख्यमंत्री के पास भेजनी शुरू कर दी, ताकि कामकाज प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री ने भी इन फाइलों का निपटारा करना शुरू कर दिया है।

विजिलेंस ऐसे कस रहा है घेरा

दूसरी ओर, नवजोत सिंह सिद्धू और उनके करीबियों की परेशानी दूसरे तरीके से बढ़ सकती है। विजिलेंस ब्यूरो ने जीरकपुर नगर कौंसिल से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों के अलॉटमेंट में अनियमितता की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि विजिलेंस ब्यूरो प्रोजेक्टों के अलॉटमेंट में सिद्धू के ओएसडी बन्नी संधू की भूमिका की भी पड़ताल कर रहा है। 

विजिलेंस ब्यूरो ने जीरकरपुर नगर काउंसिल के दफ्तर में छापेमारी भी की है। बताया जाता है कि ब्यूरो के एआइजी आशीष कपूर ने जीरकपुर नगर कौंसिल के दफ्तर में ईओ गिरीश वर्मा के मोबाइल फोन से कुछ ऐसे मैसेज हासिल किए जो उन्हें स्थानीय निकाय विभाग की ओर से किए गए थे। बताया जा रहा है कि ब्यूरो अब वर्मा से यह जानने की कोशिश कर रहा है कि यह मैसेज किसने और क्यों किए हैं। ब्यूरो ने कुछ प्रोजेक्टों की फाइल कब्जे में ली है और उनकी विशेषज्ञों द्वारा जांच चल रही है।

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Posted By: Sunil Kumar Jha