जम्मू, एएनआई। जम्मू-कश्मीर में 24 अक्टूबर को होने वाले आगामी ब्लॉक विकास परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया। वहीं दूसरी नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के बाद बुधवार को कांग्रेस ने भी जम्मू कश्मीर में 24 अक्टूबर को होने जा रहे ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल (बीडीसी) के चुनाव के बहिष्कार का एलान कर दिया। 

रियासी के 12 ब्लॉकों में 53 ने किया नामांकन

ब्लॉक चेयरमैन के चुनाव को लेकर नामांकन पत्र दाखिल करवाने के अंतिम दिन बुधवार तक रियासी जिला के कुल 12 ब्लॉकों में 53 नामांकन पत्र दाखिल हुए। इनमें भाजपा ने 8 ब्लॉकों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि कांग्रेस ने दो ब्लॉकों में अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं। इस तरह राजनीतिक दलों के कुल 10 उम्मीदवारों के अलावा 43 आजाद उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र जमा करवाए हैं।

कांग्रेस के दोनों उम्मीदवारों ने पार्टी की तरफ से नामांकन भरने के अलावा आजाद उम्मीदवार के तौर पर दोहरे नामांकन पत्र भरे हैं। जिन ब्लॉकों में भाजपा ने अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं, उनमें अरनास, भमाग, जिज बगली, कटड़ा, पैंथल, पौनी, रियासी और थुरू ब्लॉक शामिल है। जबकि कांग्रेस की तरफ से कटड़ा और पौनी ब्लॉक में अपने उम्मीदवार खड़े किए गए हैं। हालांकि अंतिम समय में नामांकन पत्र भरे जाने का आंकड़ा बढ़कर 54 होने के बारे में सुना जा रहा था, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई।

रियासी के 12 ब्लॉकों में नामांकन ब्लॉक नामांकन-  अरनास 7 भमाग 3 चसाना 5 गुलाबगढ़ 4 जिजबगली 3 कटड़ा 5 माहौर 2 पैंथल 3 पौनी 6 रियासी 3 ठाकराकोट 7 थुरू 5 

राजौरी में 95 व पुंछ में 92 उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन

बीडीसी चुनावों के लिए अंतिम दिन बुधवार को जिले से कुल 187 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। मालूम हो कि चुनाव के लिए राजपत्र अधिसूचना एक अक्टूबर को जारी की गई थी। साथ ही 9 अक्टूबर को फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि थी। 10 अक्टूबर को स्क्रूटनी की जाएगी। उम्मीदवार 11 अक्टूबर को अपने फॉर्म वापस ले सकते हैं और 24 अक्टूबर को मतदान कराए जाएंगे। संबंधित ब्लॉक मुख्यालयों में वोटों की गिनती मतदान के दिन ही की जाएगी। राजौरी जिले में 1823 पुरुष मतदाताओं के साथ 864 महिला मतदाता हैं। जिले के 19 ब्लॉकों में यह मतदान होना है। जिला पंचायत राज अधिकारी डॉक्टर अब्दुल खबीर ने कहा कि जिले के सभी 19 ब्लॉकों में कुल 95 फार्म प्राप्त हुए हैं।

वहीं जिला के लंबेडी और मंजाकोट ब्लॉकों में नौ फॉर्म प्राप्त हुए हैं। किला दरहाल और खब्बास में न्यूनतम संख्या में प्राप्त हुए हैं। राजौरी जिले में 19 विकास खंड हैं। इनमें बुद्धल न्यू, बुधल ओल्ड, दरहाल, ढांगरी, डूंगी, कालाकोट, खब्बास, लंबेडी, मंजाकोट, मोहगला, नौशहरा, पंजग्राई, पालनगढ़, किला दरहाल, राजौरी, सेरी, सियोट, सुंदरबनी और थन्ना मंडी शामिल हैं। वहीं, डॉ. खाबीर ने कहा कि वीरवार को होने वाली जांच के बाद उम्मीदवारों को शुक्रवार को अपने फॉर्म वापस लेने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद अंतिम उम्मीदवारों का नाम प्रकाशित किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि डीसी राजौरी एजाज अहमद असद की देखरेख में एक विस्तृत चुनाव योजना को अंतिम रूप दिया गया है।

चुनाव के सुचारु संचालन के लिए अधिकारियों को तैयार किया गया है। इसी तरह पुंछ जिले में सभी 11 ब्लॉकों में पिछले दिन तक 92 फॉर्म प्राप्त हुए हैं। जिले के 11 ब्लॉकों में बालाकोट, मेंढर, मनकोट, बुफिलियाज, सुरनकोट, लसाना, नंगली साहिब, पुंछ, सथरा, मंडी और लोरन शामिल हैं। 92 फॉर्मो की गुरुवार को जांच की जाएगी और अधूरे को खारिज कर दिया जाएगा। इसके बाद उम्मीदवारों के पास अपने फॉर्म वापस करने का एक दिन का मौका होगा।

 नेकां, पीडीपी, काग्रेस ने किया चुनाव बहिष्कार

वहीं, नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के बाद बुधवार को कांग्रेस ने भी जम्मू कश्मीर में 24 अक्टूबर को होने जा रहे ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल (बीडीसी) के चुनाव के बहिष्कार का एलान कर दिया। कांग्रेस के प्रदेश प्रधान जीए मीर ने कश्मीर के हालात, पार्टी नेताओं की नजरबंदी, चुनावी तैयारियों में समय न मिलने और कश्मीर जाने की अनुमति न मिलने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी मजबूरी में बीडीसी चुनाव का बहिष्कार कर रही है। कांग्रेस के एलान के बाद अब चुनावी मैदान में दो राजनीति पार्टियां भाजपा और पैंथर्स के अलावा निर्दलीय उम्मीदवार बचे हैं। नेका और पीडीपी भी कश्मीर में नेताओं की नजरबंदी का हवाला देते हुए चुनाव न लड़ने की घोषणा कर चुकी है।

बीडीसी चुनाव के नामाकन पत्र भरने के अंतिम दिन पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मीर ने कहा कि कश्मीर के मौजूदा हालात में क्या बीडीसी के चुनाव संभव हैं। बावजूद इसके काग्रेस ने भाग लेने का फैसला किया था। उन्होंने कहा कि काग्रेस कभी चुनाव से नहीं भागी, लेकिन कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट बंद है। हमने कार्यकर्ताओं तक पहुंचने के काफी प्रयास किए, लेकिन सफल नहीं हुए। कश्मीर में हमारे नेताओं पर पाबंदिया हैं। हमें कश्मीर जाने नहीं दिया जा रहा। हमने अपने नेताओं को बिना रोक टोक के राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने के मामले को चुनाव आयोग के समक्ष भी उठाया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। हम मन से चुनाव में भाग लेना चाहते थे, लेकिन राज्य प्रशासन के रोड़े अटकाने से मजबूर होकर काग्रेस चुनाव से बहिष्कार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव एक पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए करवाया जा रहा है।

बहिष्कार का फैसला विपक्ष से सलाह कर नहीं लिया :

मीर ने कहा कि हमने चुनाव में भाग लेने या अब बहिष्कार करने का फैसला स्वयं लिया है। हमने किसी विपक्षी दल से कोई सलाह मशवरा नहीं किया है। सरकार राजनीतिक माहौल भी तैयार नहीं कर पाई। सुरक्षा भी नहीं दी गई।

पार्टी उम्मीदवारों को नाम वापस लेने की हिदायत :

कांग्रेस के प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा ने कहा कि पार्टी ने नामांकन पत्र दाखिल कर चुके अपने उम्मीदवारों को नाम वापस लेने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि ऐसा न करने वाले पार्टी उम्मीदवारों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ चुनाव अधिकारी से भी बात की जाएगी।

Posted By: Preeti jha

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