लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी तक धारा 144 लागू होने के बाद भी लोग इसका उल्लंघन कर रहे हैं। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में शुक्रवार को भी महिलाएं राजधानी के ऐतिहासिक स्थल हुसैनाबाद स्थित घंटाघर के सामने प्रदर्शन में डटी रहीं। मौके पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मौलाना कल्बे सादिक साहब पहुंचे। इस दौरान उन्‍होंने कहा कि किसी से भी डरने की जरूरत नहीं है। मुल्‍क में नफरत, जुल्‍म का माहौल बना दिया गया है। मैं यहां कि दिलेर ख्‍वातिन को मुबारकबाद देता हूं। रात को यहां की लाइट काट देना ज्‍यादती का सबूत है। शांतिपूर्ण विरोध हमारा अधिकार है। किसी से भी डरने की जरूरत नहीं है। बस शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन जारी रखें। जुल्‍म और अत्‍याचार की हुकूमत ज्‍यादा दिन टिक नहीं सकती है। यहां जनतंत्र है, तनाशाही नहीं। बताते चले कि मौलाना कल्बे सादिक साहब दो सालों से बीमार चल रहे।

250 से अधिक के खिलाफ केस दर्ज 

महिलाओं के प्रदर्शन करने के मामले में अलीगढ़ के बाद लखनऊ में केस दर्ज किया गया है। लखनऊ में 250 से अधिक लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जिनमें तीन नामजद हैं। लखनऊ में सीएए और एनआरसी के खिलाफ बिना अनुमति के घंटाघर पर सप्ताह भर से चल रहे धरने में गुरुवार को बड़ी संख्या में महिलाएं विभिन्न संगठन के लोगों के साथ शामिल हुईं। पुरुष भी आसपास खड़े होकर धरने की अगुवाई कर रहे थे। एडीसीपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि यहां धरने में शामिल 400 से अधिक महिलाओं और पुरुषों को नोटिस दिया जा चुका है। जिसमें साफतौर से कहा गया है कि धरना-प्रदर्शन अवैध है और इससे घंटाघर आने वाले पर्यटकों को भी असुविधा हो रही है।

यह ऐतिहासिक स्थल है और यहां पर धरना प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। एडीसीपी त्रिपाठी ने प्रदर्शनकारियों पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी। शहर में धारा 144 लागू है, धरने की भी अनुमति नहीं है फिर भी महिलाओं के साथ पुरुष घंटाघर पर इकट्ठा हो रहे हैं। इस मामले में अब तक सौ से अधिक लोगों पर तीन एफआइआर दर्ज हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार चेतावनी दे रही है। नोटिस और एफआइआर के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गोमतीनगर में प्रदर्शन कर रहीं 131 महिलाओं पर एफआइआर

गोमतीनगर के उजरियांव गांव के एक दरगाह पर प्रदर्शन कर रहीं 131 महिलाओं के खिलाफ गोमतीनगर थाने में एफआइआर दर्ज हुई है। इनमें छह महिलाओं को नामजद किया गया है। नामजद महिलाओं में प्रदर्शन की अगुवाई कर रहीं असमां सिद्दीकी, तन्नो, उशारा, रुबीना, बेबी और हयात हैं। इंस्पेक्टर गोमतीनगर ने बताया कि सभी बिना अनुमति के प्रदर्शन में शामिल हैं। चेतावनी देने के बावजूद डटी हैं। यहां बर चौकी इंचार्ज हुसैन अब्बास की तरफ से गोमती नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।

लखनऊ के गोमतीनगर के उजरियाव गांव में 3 दिन से धरने पर बैठीं महिलाओं के खिलाफ प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें पांच नामजद और अज्ञात में 100-125 महिलाओं पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इन सभी महिलाओं के खिलाफ आईपीसी की धारा 120-बी, 145 और 188 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। धारा 144 के उल्लंघन पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने प्रदर्शन रोकने के लिए निषेधाज्ञा लगाई है लेकिन लोगों पर आरोप है कि उसका उल्लंघन करते हुए सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

लखनऊ के घंटाघर में भी सीएए के खिलाफ कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है। इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हो रहे हैं। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए पहले भी कई महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी और गुरुवार को भी दर्ज की गई। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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