लखनऊ, जेएनएन। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने वाली बहुजन समाज पार्टी की मुखिया इसके खिलाफ प्रदर्शन करने वाली महिलाओं के पक्ष में उतर आई हैं। सीएए के विरोध में हिंसा के खिलाफ रहने वाली मायावती ने इसके खिलाफ प्रदर्शन करने वाली महिलाओं के खिलाफ दर्ज केस सरकार से वापस लेने की मांग की है।

ट्विटर पर बेहद सक्रिय रहने वाली बसपा मुखिया ने सोमवार को सीएए के विरोध में प्रदर्शन करने वाली महिलाओं के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दी। मायावती ने कहा कि प्रदेश की भाजपा की सरकार सीएए व एनआरसी का विरोध करने वाली महिलाओं व अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों को वापस ले। मायावती की आरोप है कि कई लोगों के खिलाफ गलत केस दर्ज किया गया है। इसके साथ ही मायावती ने मांग की है कि इस दौरान विरोध-प्रदर्शन में जिसकी भी जान गई है सरकार उनके परिवार वालों की उचित मदद करे।

प्रदेश के अलीगढ़, प्रयागराज, कानपुर, मेरठ व वाराणसी के साथ लखनऊ में घंटाघर व गोमतीनगर में दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर महिलाओं का विरोध प्रदर्शन जारी है। लखनऊ में प्रदर्शन कर रही 125 महिलाओं के खिलाफ धारा 144 का उल्लंघन, सरकारी कार्य में दखल देने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

 

Posted By: Dharmendra Pandey

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