लखनऊ, जेएनएन। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अध्यक्ष मायावती ने शुक्रवार को शुरू हुए संसद के बजट सत्र के दौरान दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण को हवा-हवाई ज्यादा और जमीनी हकीकत में बहुत कम बताया है। उन्होंने आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पर भी निराशा व्यक्त की है।

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शुक्रवार को ट्वीट कर लिखा है कि 'राष्ट्रपति का अभिभाषण सरकारी लेखा-जोखा होता है और आज संयुक्त संसद के समक्ष उनके अभिभाषण में देश और जनहित को लेकर जो भी बातें कही गई हैं वे हवा-हवाई ज्यादा हैं और जमीनी हकीकत में बहुत कम हैं। यह किसी से छिपा नहीं है।' उन्होंने अपने अगले ट्वीट में लिखा कि 'केंद्र सरकार द्वारा पेश की गई आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट देश की जनता को काफी कुछ निराश करने वाली है।'

वहीं केन्द्र की गलत नीतियों व कार्यकलापों पर ट‍िप्‍‍‍‍‍‍पणी करते हुए मायावती ने कहा, क‍ि इसके कारण गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी बढ़ गई है। लोगों की प्रत‍ि व्यक्ति/परिवार आय लगातार कम होती जा रही है। इसके बावजूद बीजेपी सरकार लोगों को हसीन सपने दिखा रही है। उन्‍‍‍‍‍‍होंने कहा, आज संसद में पेश आर्थिक सर्वे इसका ताज़ा प्रमाण है।

बता दें कि संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया। राष्‍ट्रपति ने इस दशक को महत्‍वपूर्ण बताया और संसद के उल्‍लेखनीय कामों से लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए ऐतिहासिक फैसले समेत जम्‍मू कश्‍मीर जैसे प्रमुख मुद्दों को भी उठाया। उन्‍होंने अपने अभिभाषण में सरकार की प्राथमिकताओं का उल्‍लेख करते हुए 'सबका साथ सबका विकास' मंत्र पर चलने की बात कही। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इस फैसले ने महात्मा गांधी के स्वप्नों को पूरा किया है। उन्होंने सीएए सहित विभिन्न मुद्दों पर हो रहे प्रदर्शनों की ओर इशारा करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा से लोकतंत्र कमजोर होता है। इसके बाद वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 पेश किया।

Posted By: Umesh Tiwari

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