लखनऊ, जेएनएन। पहली बार डॉ. भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि मनाने के समाजवादी पार्टी के फैसले से डरी बहुजन समाज पार्टी ने भी छह दिसंबर को व्यापक स्तर पर श्रद्धाजंलि कार्यक्रम आयोजित करने का फरमान जारी किया है। सेक्टर स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में पार्टी कार्यकर्ताओं को अधिक से अधिक भीड़ जुटाने और बाबा साहब की नीतियों व सिद्धांतों का प्रचार प्रसार करने के लिए कहा गया है।

रविवार को पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय टीम के पदाधिकारियों की बैठक में बसपा प्रमुख मायावती ने राजनीतिक हालात पर चर्चा की और सरकार पर निशाना साधा। महाराष्ट्र के ताजा राजनीतिक घटनाक्रम के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनाव और दिल्ली में प्रस्तावित आम चुनाव पर विशेष चर्चा की।

मायावती ने छह दिसंबर को होने वाले कार्यक्रमों में इस वर्ष अधिकतम भीड़ जुटाने की हिदायत दी। उनका कहना था कि सत्ता की मास्टर चाबी पाने के लिए बहुजन समाज में एकजुटता बनाए रखना बहुत जरूरी है। वोट के लिए दलित समाज की एकता को भंग करने की तमाम साजिशें हो रही हैं। वर्तमान राजनीतिक वातावरण में खासकर दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक समाज को बुनियादी कानूनी व संवैधानिक हक से वंचित रखने का हर प्रकार का षड्यंत्र किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस पर जहां पूरे प्रदेश में सेक्टर स्तर पर कार्यक्रम होंगे, वहीं लखनऊ में मंडल स्तर पर आंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल में श्रद्धासुमन कार्यक्रम होगा। उन्होंने लखनऊ के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में स्वयं उपस्थित रहने के संकेत भी दिए।

जन्मदिन की तैयारी पर भी रहा फोकस

बसपा की बैठक में मायावती ने आंबेडकर पुण्यतिथि कार्यक्रमों के साथ 15 जनवरी को अपने जन्मदिन पर प्रतिवर्ष मनाए जाने वाले प्रोग्रामों की तैयारी समीक्षा भी की।

Posted By: Umesh Tiwari

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