जेएनएन, चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल में पैदा हुए राजनीतिक घटनाक्रम ने पंजाब के पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की चौटाला परिवार में सुलह कराने की उनकी कोशिशों ने अभी ब्रेक लगा दिया है। इस कारण इनेलो महासचिव अजय सिंह चौटाला की बादल के साथ मुलाकात खटाई में पड़ गई। चौटाला परिवार में चल रही कलह को खत्म करने के लिए बादल ने बीड़ा उठाया था, लेकिन अभी तक इन प्रयासों में कोई खास सफलता नहीं मिल पाई है।

शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के बीच पारिवारिक संबंध में हैैं। बताया जाता है कि बादल ने फोन पर अजय और अभय चौटाला से फोन पर अलग-अलग बातचीत की है। राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे थे कि बादल को सम्मान देने के लिए अजय चौटाला सोमवार को उनसे चंडीगढ़ में मुलाकात कर सकते हैैं, लेकिन यह मुलाकात नहीं हो पाई।

शिरोमणि अकाली दल से पूर्व मंत्री डाॅ. रतन सिंह अजलाना और सांसद रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा समेत चार नेताओं को निकाल दिया गया है। इस घटनाक्रम से अकाली दल की राजनीति गरमाई हुई है। प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर बादल बदले राजनीतिक घटनाक्रम में अपनी पार्टी के मामले देख रहे हैैं, जिस कारण उनकी इनेलो नेताओं के साथ चर्चा अटक गई है।

अगले दो दिनों में अजय सिंह चौटाला और अभय चौटाला दोनों ही चंडीगढ़ में रहने वाले हैैं। दोनों अपने-अपने ढंग से पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात करेंगे। दोनों की हालांकि एनसीआर में मुलाकात हो चुकी है, मगर सुलह नहीं हो पाई है। अजय सिंह की अब चंडीगढ़ में बादल से मुलाकात होगी, इसकी संभावना काफी कम है। अजय 17 नवंबर की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक की तैयारियों में जुटे हैैं, जबकि अभय इस बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं व नेताओं को जाने से रोकने की रणनीति बना रहे हैैं।

चौटाला परिवार में सुलह के प्रयास अभी जारी

इनेलो के पुराने और वरिष्ठ नेताओं की कोशिश चौटाला परिवार में सुलह कराने की है। 40 साल बनाम 4 साल के नारे को खारिज करते हुए 40 साल बनाम 65 साल का नारा बनाने की कोशिश हो रही है। अजय चौटाला 40 साल से राजनीति में सक्रिय हैैं तो अभय चौटाला भी 38 साल से राजनीति कर रहे हैैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने अजय सिंह और अभय सिंह दोनों भाइयों को जब भी कोई राजनीतिक जिम्मेदारी दी तो दोनों ने उसे बखूबी निभाया है। ऐसे में दोनों को समझाने की कोशिश हो रही है कि सत्ता में नजदीक आने के बाद इस तरह की लड़ाई उचित नहीं है।

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