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BMC चुनाव में हार के बाद राज ठाकरे की शिंदे के साथ 'प्राइवेट मीटिंग', महाराष्ट्र में बढ़ी सियासी हलचल

Published: Wed, 18 Feb 2026 08:00 PM (IST)

राज ठाकरे ने बीएमसी चुनाव के बाद एकनाथ शिंदे से मुंबई में मुलाकात की। यह बैठक महाराष्ट्र की राजनीति में ...और पढ़ें

BMC चुनाव के बाद बढ़ी सियासी हलचल शिंदे से मिले राज ठाकरे (फोटो सोर्स- एएनआई)

BMC चुनाव के बाद बढ़ी सियासी हलचल शिंदे से मिले राज ठाकरे (फोटो सोर्स- एएनआई)

HighLights

  1. राज ठाकरे ने एकनाथ शिंदे से मुंबई में मुलाकात की।

  2. बीएमसी चुनाव के बाद यह पहली आमने-सामने की बैठक थी।

  3. मुलाकात को महाराष्ट्र की राजनीति में अहम माना जा रहा है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राज ठाकरे ने बुधवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके मुंबई स्थित आधिकारिक निवास 'नंदनवन' में मुलाकात की। पिछले महीने हुए BMC चुनाव के बाद यह दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने बैठक थी।

शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के एक पदाधिकारी ने बताया कि बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि, बातचीत का पूरा ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है। इस मुलाकात को महाराष्ट्र की राजनीति में अहम माना जा रहा है, खासकर BMC चुनाव के बाद बदले राजनीतिक माहौल के बीच।

पहले भी मिला था समर्थन

महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (MNS) ने कल्याण-डोंबिवली में शिंदे की शिवसेना को समर्थन दिया था। पिछले महीने शिंदे ने राज ठाकरे की तारीफ करते हुए कहा था कि वे कभी निजी फायदे के बारे में नहीं सोचते और हमेशा बड़े नजरिए से फैसले लेते हैं।

शिंदे ने कहा था कि मनसे ने विकास के लिए शिवसेना का साथ दिया। इससे पहले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भी मनसे महायुति के साथ रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी-शिवसेना का गठबंधन सिर्फ अभी के लिए नहीं है और अब मनसे भी इसमें शामिल हो गई है। शिंदे के मुताबिक, राज ठाकरे ने विकास के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी का भी समर्थन किया था और विधानसभा चुनाव में भी साथ दिया था।

BMC चुनाव के बाद नई सियासी स्थिति

हाल के BMC चुनाव में ठाकरे परिवार के दो चचेरे भाइयों ने करीब दो दशक बाद साथ आकर चुनाव लड़ा, लेकिन उनकी यह कोशिश सफल नहीं रही। चुनाव में भाजपा ने जीत हासिल की और लगभग तीन दशक से चली आ रही शिवसेना (अविभाजित) की पकड़ खत्म हो गई। यह शिवसेना पहले ठाकरे परिवार के नेतृत्व में थी।

इस बीच मनसे के अंदर भी कुछ नेताओं ने नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि नगर निगम चुनाव में उन्हें शिवसेना (UBT) से पर्याप्त समर्थन नहीं मिला। ऐसे माहौल में राज ठाकरे की शिंदे से मुलाकात को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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