मुजफ्फरनगर, जेएनएन। अपने बोल से सुर्खियों में रहने वाले उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सरधना सीट से विधायक संगीत सोम ने फिर विवादित बयान दे डाला है। उन्होंने दिल्ली हिंसा में आरोपित आम आदमी पार्टी (आप) के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को आतंकवादी कहा है। संगीत सोम ने कहा कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के सुरक्षा सहायक अंकित शर्मा के हत्यारोपितों को चौराहे पर खड़ा कर गोली मार देनी चाहिए। ऐसे लोग देशद्रोही हैं। 

भड़काऊ वीडियो वायरल सहित मारपीट व बालासाहेब ठाकरे पर अशोभनीय टिप्पणी करने के आरोप में दर्ज मुकदमों की सुनवाई के लिए सरधना विधायक गुरुवार को कोर्ट में पेश हुए। पेशी के बाद संगीत सोम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अंकित के हत्यारोपितों को चौराहे पर खड़ा कर गोली मार देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पूरे देश में लागू होगा। विरोध से कुछ होने वाला नहीं है।

बता दें कि दिल्ली हिंसा के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के सुरक्षा सहायक अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आरोपित ताहिर हुसैन को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पर संगीत सोम ने कहा, जिसने भी अंकित शर्मा की हत्या की है, उसे कठोर सजा दी जाएगी। साथ ही चाहे कोई कितना भी विरोध क्यों ना करे, सरकार नागरिकता संशोधन कानून वापस नहीं लेगी। 

अशोभनीय टिप्पणी मामले में भाजपा विधायक पर आरोप तय

सभा के दौरान बाला साहेब ठाकरे के विरुद्ध अशोभनीय टिप्पणी करने संबंधी मुकदमे में कोर्ट ने गुरुवार को सरधना के भाजपा विधायक संगीत सोम पर आरोप तय कर दिए। भड़काऊ वीडियो शेयर करने, समर्थकों सहित हथियारों का प्रदर्शन-जाम लगाने व अशोभनीय टिप्पणी सहित तीनों मामलों में अदालत 15 अप्रैल को सुनवाई करेगी। संगीत सोम ने 13 अप्रैल, 2008 को खतौली की नई मंडी में सभा संबोधित की थी। सभा के बाद इंदिरा कॉलोनी निवासी शिवसेना नेता ललित मोहन शर्मा ने खतौली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि संगीत सोम ने शिवसेना व शिवसेना प्रमुख स्व. बाला साहेब ठाकरे के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी की। संगीत सोम के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ था। मुकदमे की सुनवाई एडीजे-4 की कोर्ट में शुरू हुई। संगीत सोम गुरुवार को कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने उनके विरुद्ध आरोप तय किए।

भड़काऊ वीडियो वायरल करने के मामलों में भी सुनवाई

वर्ष 2013 में भड़काऊ वीडियो शेयर करने संबंधी मुकदमे में भी सुनवाई हुई। इस मामले में एसआइटी पहले ही एफआर लगा चुकी है, लेकिन मुकदमे के वादी की हत्या होने के कारण एफआर स्वीकार नहीं किया गया। एडीजीसी सुभाष चंद सैनी ने बताया कि उक्त मामले में मुकदमे के वादी की मृत्यु संबंधी प्रमाण मंगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 17 मार्च, 2009 को जाम लगाकर हथियारों का प्रदर्शन करने तथा टीएसआइ से मारपीट करने के मामले में भी एडीजे-4 कोर्ट में ही सुनवाई हुई। उन्होंने बताया कि उक्त मामले में कोर्ट ने संगीत सोम को छोड़कर बाकी अन्य आरोपितों के एनबीडब्ल्यू जारी किए हुए हैं। कोर्ट ने सभी मामलों में सुनवाई की तिथि 15 अप्रैल तय की है।

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