चंडीगढ़़, जेएनएन। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने फिर भाजपा और जजपा गठबंधन पर सवाल उठाया है। उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल और उपमुख्‍यमंत्री दुष्‍यंत चौटाला पर जमकर हमला किया। उन्‍होंने दोनों नेताओं से पूछा कि वे अगला चुनाव मिलकर लड़ेंगे अथवा अलग-अलग मैदान में उतरेंगे। उन्‍हाेंने कहा कि मनोहरलाल और दुष्‍यंत बताएं कि अब राज्‍य में काम कब शुरू होंगे।

पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने साधा गठबंधन की सरकार पर दोहरा निशाना

यहां पत्रकारों से बातचीत में हुड्डा ने भाजपा की मंथन बैठकों पर चुटकी ली। उन्‍होंने कहा कि 2014 में किए चुनावी वादे पूरे नहीं करने के बावजूद उनके नेता हार के कारण ढूंढ रहे हैैं। भाजपा के 75 पार के झूठे नारे को यदि मीडिया प्रोत्साहित नहीं करता तो इनकी 15 सीटें भी नहीं आ पाती।

चंडीगढ़ स्थित एमएलए हास्टल में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए हुड्डा ने कहा कि भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार को एक माह पूरा हो गया, लेकिन अभी तक सरकार ने काम करना चालू नहीं किया है। पहले पांच साल भाजपा ने गड्ढे भरने का राग अलापने में निकाल दिए। अब बताएं कि सरकार काम कब शुरू करेगी।

हुड्डा ने कहा कि प्रदेश की जनता ने भाजपा व जजपा को एक दूसरे के खिलाफ जनादेश दिया था, लेकिन दोनों दलों ने इसका अनादर करते हुए भानुमति का कुनबा जोड़ लिया है। अभी तक दोनों दल यह तय नहीं कर पाए कि उनका न्यूनतम साझा कार्यक्रम क्या है। हुड्डा ने कहा कि वास्‍तव में इनका कोई कार्यक्रम नहीं है। यह लोगों की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैैं।

भाजपा सरकार में लगाया तीन बड़े घोटालों का आरोप, सीबीआइ जांच की मांग

हुड्डा ने  भाजपा सरकार पर तीन बड़े घोटाले का आराेप लगाया। उन्‍होंने राज्य में करोड़ों रुपये का धान घोटाला, करीब डेढ़ हजार करोड़ रुपये का खनन घोटाला और परिवहन विभाग में किलोमीटर स्कीम के घोटालों की सीबीआइ जांच कराने की मांग की। हुड्डा ने कहा कि कृषि मंत्री कह रहे हैं कि कोई धान घोटाला नहीं हुआ, जबकि मुख्यमंत्री चावल मिलों की फिजिकल वैरीफिकेशन करा रहे हैैं। दोनों यह तय कर बताएं कि किसकी बात सही है। कांग्रेस किसी सूरत में किसान का अहित नहीं होने देगी।

किसानों को ढ़ाई हजार रुपये प्रति एकड़ दे सरकार

हुड्डा ने पराली जलाने वाले किसानों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज करने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से मात्र आठ फीसदी प्रदूषण फैलता है। पंजाब सरकार पराली निस्तारण के लिए किसानों को ढ़ाई हजार रुपये प्रति एकड़ आर्थिक सहयोग दे रही है। हरियाणा ने यह राशि एक हजार रुपये रखी है। सिर्फ परमल धान उत्पादकों के लिए ही यह सुविधा है। इसलिए हर तरह की धान लगाने वाले किसानों को यह राहत राशि मिलनी चाहिए। उन्होंने गन्ने का रेट 375 रुपये क्विंटल करने, दादरी व जींद के आंदोलनरत किसानों को मुआवजा देने और प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना में पेंशन की दूसरी व तीसरी किस्त जारी करने की भी मांग की है।

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इन मुद्दों पर भी की हुड्डा ने सरकार की घेराबंदी

- विशाल हरियाणा का हमने प्रस्ताव दिया। यदि ऐसा होता है तो दिल्ली राजधानी बने, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि चंडीगढ़ पर हरियाणा अपनी दावेदारी छोड़ देगा।

- केएमपी का निर्माण ठीक नहीं हुआ। अब तक 300 दुर्घटनाएं हो चुकी और 100 लोगों की जानें जा चुकी हैैं।

- जेई की भर्ती में हरियाणा व बाहर के युवाओं को आर्थिक आधार पर पांच-पांच नंबर का वेटेज मिलता है। इससे हरियाणा के युवाओं को कोई लाभ नहीं हो रहा।

- हरियाणा बेरोजगारी व महिला अपराध में नंबर वन बन गया है।

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हुड्डा ने माना कुछ सीटों पर टिकट वितरण ठीक नहीं हुआ

इसके साथ ही हुड्डा ने माना लिया कि कुछ सीटों पर कांग्रेस के टिकट वितरण में चूक हुई है, जिस कारण पार्टी सरकार बनाते-बनाते रह गई। हुड्डा ने टिकटों के बंटवारे में गलत निर्णय के साथ-साथ अशोक तंवर के बदलाव में हुई देरी को भी कम सीटें आने का कारण बताया है।

हुड्डा ने कहा कि कुछ सीटें ऐसी हैैं, यदि वहां टिकटों का वितरण सही हो जाता है तो निसंदेह कांग्रेस बहुमत हासिल करती। यह सीटें कितनी और कौन सी हैैं? इसके जवाब में हुड्डा ने कहा कि कांग्र्रेस हाईकमान को इसकी जानकारी है। यदि वह किसी सीट का नाम लेंगे तो मौजूदा प्रत्याशी नाराज हो सकते हैैं।

पूर्व सीएम ने कहा कि हरियाणा के कांग्र्रेस कार्यकर्ता काफी समय से प्रदेश अध्यक्ष के बदलाव की मांग कर रहे थे, लेकिन इसका फैसला काफी देरी से हुआ। यदि समय रहते प्रदेश अध्यक्ष को बदल दिया जाता तो आज राज्य के हालात कांग्र्रेस के पक्ष में हो सकते थे। उन्होंने दावा किया कि अध्यक्ष के बदलाव के बाद कु. सैलजा और उन्हें मात्र एक पखवाड़े का समय मिला। इसमें भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जी जान से मेहनत करते हुए अच्छे नतीजे दिए हैैं।

भाजपा की तरह कांग्रेस द्वारा हार पर मंथन से जुड़े सवाल पर हुड्डा ने कहा कि भाजपा की 47 से घटकर 40 सीटें रह गई, जबकि कांग्रेस की पहले 15 सीटें थी, जो बढ़कर 31 हो गई हैैं। इसलिए हार के कारणों पर मंथन की जरूरत भाजपा को है। हमने इस बात पर मंथन किया है कि हमारी 31 से ज्यादा सीटें कैसे आ सकती थी। पूर्व सीएम ने कहा कि इतिहास अपने आप को दोहराता है। हमें कांग्र्रेस का भविष्य अच्छा दिखता है।

संगठनात्मक नियुक्तियों से जुड़े सवाल पर हुड्डा ने कहा कि इस बारे में प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा काम कर रही हैैं। जनवरी माह में सदस्यता पूरी हो जाएगी। इसके अगले दो से तीन माह के भीतर प्रदेश व जिलों का संगठन बनकर तैयार हो जाएगा। तब तक मौजूदा नियुक्तियों व संयोजकों से पार्टी का संचालन होगा। हुड्डा ने सोनिया गांधी की सुरक्षा वापस लिए जाने पर कहा कि भाजपा को यह शोभा नहीं देता।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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