रामपुर, जेएनएन। सांसद आजम खां ने कहा कि रामपुर में जिला प्रशासन ने बहुत जुल्म किए हैं। मतदान के दिन बेरहमी से लोगों को पीटा गया। मेरे एनकाउंटर की कोशिश की गई। मेरे खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए। जौहर यूनिवर्सिटी के गेट को तोडऩे का मंसूबा तैयार किया जा रहा है, जो गैर कानूनी है, क्योंकि यह हमारी मिलकियत है। मैं तो यहां तक सोच रहा हूं कि संसद से इस्तीफा देकर फिर अगला विधानसभा चुनाव लड़ लूं। उन्होंने कहा कि रामपुर में हुए जुल्म की फिल्म दिखाने को स्पीकर से मांगेंगे इजाजत। उधर, सांसद आजम ने विधानसभा की सदस्यता का त्यागपत्र भेज दिया है।

सांसद आजम ने रविवार को रामपुर में सपा जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव के आवास पर इफ्तार पार्टी के दौरान मीडिया से वार्ता में यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि मतदान के दिन लोगों को डराया गया। इससे हमारे दो लाख वोट कम पड़े। एडीएम, एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट ने मुझ पर गंभीर आरोप लगाए, पुलिस से शिकायत की और मेरे एनकाउंटर की साजिश की। अब हमारे खिलाफ धारा 332 के तहत झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है।

राजस्व टीम जिस जमीन की पैमाइश करने के लिए गई थी, वह हमारी है। हमने 23 फरवरी 2007 को 40,23,696 रुपये सरकारी खाते में जमा किए। इसके बदले में हमें 8.277 हेक्टेयर जमीन मिलनी थी लेकिन, दो हेक्टेयर कम मिली। हमने अपनी जमीन पूरी करने के लिए सरकार से कहा, क्योंकि हमने पूरा पैसा दिया है। उन्होंने इसकी रसीद भी दिखाई। आजम ने कहा कि जमीन हमारी है और हम पर ही फर्जी मुकदमा करा दिया। पैमाइश का किसी ने कोई विरोध नहीं किया। हम अपने दफ्तर में बैठे रहे, रजिस्ट्रार छुट्टी पर थे। फिर भी हमारे और रजिस्ट्रार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।

बता दें कि अखिलेश यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे आजम खां के खिलाफ कोसी नदी की जमीन पर अवैध कब्जा करने का मामला दर्ज किया गया है। रामपुर से निर्वाचित सांसद आजम खां के साथ उनकी जौहर यूनिवर्सिटी के दो कर्मियों के खिलाफ नायब तहसीलदार ने केस दर्ज कराया है।

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Posted By: Umesh Tiwari

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