अयोध्या, जेएनएन। रामनगरी अयोध्या में बुधवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भूमि तथा आधारशिला पूजन के बाद अब लोगों को मंदिर के निर्माण कार्य प्रारंभ होने का इंतजार है। आराध्य देव श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण कार्य को लेकर लोगों का इंतजार भी शनिवार को खत्म हो जाएगा, जब यहां पर मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होगा।

श्रीराम जन्मभूमि स्थल पर आल वेदर टेंट हटाने के साथ ही सफाई का काम आज से शुरू हो गया है। इस काम में करीब दो दिन का समय लगेगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय बंसल भी यहां पर शीघ्र सफाई के काम को समाप्त कराना चाहते हैं। उन्होंने आज यहां पर ठेकेदार को पांडाल हटाकर सभी जगह पर साफ-सफाई के काम में तेजी लाने का निर्देश दिया है। सफाई होने के बाद ही नींव की खुदाई का काम शनिवार से शुरू किया जाएगा। बुधवार को यहां पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर निर्माण के लिए आधारशिला रखी थी। इसी स्थल पर आज श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य पहुंचे। तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी मंदिर का निर्माण करने वाली कंपनी एलएनटी के अधिकारियों के साथ पहुंचे। इसके बाद उन्होंने सफाई काम में तेजी लाने का निर्देश किया है। आज और कल सफाई अभियान चलेगा। इसके बाद मंदिर निर्माण का कार्य शुरू होगा।

मंदिर निर्माण के लिए यहां पर मैदान के समतलीकरण के बाद अन्य काम को भूमि पूजन के कारण रोका गया था। अब यह काम शनिवार से गति पकड़ लेगा। पहले नींव को खोदने का काम होगा। मानसून सक्रिय होने के कारण इनमें कोई भी जल्दबाजी नही की जाएगी। बारिश की वजह से यह काम और धीमा पड़ सकता है। इसके साथ ही मंदिर के नींव भरने तथा ग्राउंड फ्लोर के काम में 18 महीने तक लग सकते हैं।

मंदिर के डिजाइन टीम के एक सदस्य का कहना है कि फाउंडेशन तथा ग्राउंड फ्लोर का निर्माण ही सबसे मुश्किल काम होता है। ग्राउंड फ्लोर से ऊपर की दो मंजिल बनने में 14-18 महीने का वक्त लग सकता है। इसके साथ ही फिनिशिंग में भी करीब छह महीने लगेंगे। इसमें 161 फीट के शिखर का काम शामिल है। मंदिर में पांच गुंबद का निर्माण होना है।

अयोध्या विकास प्राधिकरण से मिलेगी मंजूरी

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का डिजाइन फाइनल है। क्लीयरेंस के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण को सौंपा जाएगा। इसके लिए मंदिर निर्माण कमेटी ने दो करोड़ रुपया क्लीयरेंस भी एकत्र कर लिया है। मंदिर निर्माण में स्थानीय और निगम के नियमों का भी पूरा पालन किया जाना है। मंदिर के निर्माण कार्य को पूरा होने में करीब साढ़े तीन वर्ष का वक्त समय लग सकता है। 

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