कोलकाता, जागरण संवाददाता। केंद्रीय गृहमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 7 दिसंबर को कोलकाता आ सकते हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार शाह बंगाल के विधानसभा उपचुनाव में पार्टी की हार पर प्रदेश नेतृत्व को लेकर विश्लेषण करेंगे। माना जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ इस समीक्षा बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष सहित अन्य प्रदेश नेताओं को कड़े सवालों का सामना करना पड़ेगा।

गौर हो कि 25 नवंबर को राज्य की तीन विधानसभा सीटों खड़गपुर सदर, कालियागंज एवं करीमपुर के लिए उपचुनाव हुए। इन तीनों सीटों पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की जीत हुई जबकि भाजपा को विफलता हाथ लगी। अप्रैल-मई में हुए लोकसभा चुनाव में खड़गपुर सदर एवं कालियागंज विधानसभा सीट पर भाजपा काफी आगे थी जबकि विधानसभा उपचुनाव में पार्टी दूसरे स्थान पर आ गई।

विशेषकर दिलीप घोष के विधायक से सांसद निर्वाचित होने के कारण खाली पड़ी खड़गपुर सदर विधानसभा सीट एवं रायगंज लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत स्थित कालियागंज विधानसभा सीट पर हुई हार को भाजपा गंभीरता से देख रही है। खड़गपुर सदर सीट पर भाजपा लोकसभा चुनाव में 45 हजार वोट से आगे थी। उपचुनाव में इस सीट पर पार्टी 20 हजार वोट से हार हो गई। उसी प्रकार रायगंज लोकसभा सीट जहां से देवश्री चौधरी ने जीत हासिल की थी, उसी के अंतर्गत कालियागंज विधानसभा उपचुनाव में पार्टी की दो हजार वोट से हार हुई है।

लोकसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा 56 हजार वोट से आगे थी। लोकसभा चुनाव में इन दोनों सीटों पर भाजपा का दबदबा रहने पर भी उपचुनाव में परिणाम ठीक उसके विपरीत हुए हैं। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की भी उपचुनाव के परिणाम ने चिंता बढ़ा दी है। हार के कारणों को मालूम करने के लिए अमित शाह ने पहले ही प्रदेश नेतृत्व ने रिपोर्ट मांगी थी। इसे लेकर राज्य नेतृत्व ने जिला नेतृत्व से बूथ स्तरीय रिपोर्ट मांग थी। शनिवार को प्राप्त इस रिपोर्ट पर दिलीप घोष ने प्रदेश नेताओं के साथ बैठक की। 

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