अलवर, जेएनएन। राजस्थान के अलवर के थानागाजी क्षेत्र में पति को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। विभिन्न राज्यों की चुनावी सभाओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई घेराबंदी के बाद भाजपा इस मामले में जहां आक्रमक है वहीं कांग्रेस बचाव की मुद्रा में है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी बुधवार को पीड़ित परिवार से मिलने थानागाजी क्षेत्र में आज पहुंचनेे वाले थे पर दिल्ली में मौसम खराब होने के कारण राहुल गांधी का अलवर दौरा रद कर दिया गया है। गहलोत सरकार पर 26 अप्रैल को हुई इस शर्मसार करने वाली घटना को चुनावी लाभ के लिए छुपाने का आरोप है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयबीर शेरगिल ने पत्रकारों को राहुल गांधी का दौरा रद होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राहुल अब बृहस्पतिवार को सुबह 9 बजे यहां आएंगे और पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि सामूहिक दुष्कर्म से जुड़े मामले में लापरवाही दिखाने वाला कोई भी व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा।

राजस्थान में बेशक चुनाव संपन्न हो गए, लेकिन सातवें चरण के अंतिम चुनाव में कांग्रेस के लिए यह घटना गले की फांस बन गई है। यह बात अब लगभग पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है कि शर्मसार करने वाली इस वारदात को राजस्थान पुलिस इसलिए कई दिन छुपा कर बैठी रही ताकि 6 मई का चुनाव संपन्न हो जाए, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घेराबंदी के बाद कांग्रेस की मुश्किलेें बढ़ गई है।

राजनीतिक नुकसान से बचने के लिये राहुल गांधी यहां आने वाले थे। हालांं‍कि सातवें चरण में जिन सीटों पर लोकसभा चुनाव होने हैं वहां कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। अंतिम चरण में जिन 59 सीटों पर चुनाव होने है, उनमें से दो तिहाई सीटों पर अनुसूचित जाति, अति पिछड़े व पिछड़े वर्ग की आबादी अधिक है। इनमे 17 सीटें आरक्षित है। माना जा रहा है कि सातवें चरण के चुनाव में अपनी पार्टी का प्रदर्शन मजबूत रखने के लिए ही राहुल गांधी अलवर आने वाले थे। हालांं‍कि भाजपा इस मुद्दे पर चुप बैठने की बजाय कांग्रेस की घेराबंदी तेज कर रही है। निर्भया कांड की तरह यह प्रकरण कांग्रेस के लिए किसी बड़ी आफत से कम नहीं है। भाजपा कह रही है कि खुद को अनुसूचित जाति की बड़ी पैरोकार बताती रही पार्टी का यही असली चेहरा है।

घटना को लेकर जिस तरह पुलिस के स्तर पर लीपा-पोती हुई थी, उससे सवाल उठना लाजमी भी है, क्योंकि गृह विभाग की कमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पास है। इस कारण यह माना जा रहा है कि सत्ता के इशारे पर इस प्रकरण को छुपाने का प्रयास किया गया। हालांकि इस मामले के आरोपितों की अब गिरफ्तारी हो चुकी है लेकिन दुष्कर्म के बाद वीडियो वायरल होने के पश्चात ही पुलिस का सक्रिय होना वर्दी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है।

जाति के मुद्दे पर भी घिरी कांग्रेस

अलवर के सामूहिक दुष्कर्म प्रकरण के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जाति का मुद्दा भी उठा रहे हैं। उनका मकसद एक ओर जहां दलितों की पैरोकार कांग्रेस व बसपा को आईना दिखाना है, वहीं अखिलेश व अन्य नेताओं की जातीय कार्ड की राजनीति को झटका देना है। पीएम ने मंगलवार को बलिया में अखिलेश यादव मायावती पर निशाना साधते हुए कहा था कि मैंने चुनाव जीतने के लिए कभी अपनी जाति का सहारा नहीं लिया। मैं भले ही अति पिछड़ी जाति में पैदा हुआ हूं, लेकिन मेरा मकसद पूरे देश को अगड़ा बनाने का है। अलवर प्रकरण पर पीएम की घेराबंदी के बाद ही मायावती यह कहने के लिए मजबूर हुई कि पीड़ितों को न्याय नहीं मिला तो उनकी पार्टी राजस्थान में बड़ा राजनीतिक फैसला कर सकती है। उनका आशय समर्थन वापसी से था।

 यह था घटनाक्रम:

26 अप्रैल: सामूहिक दुष्कर्म हुआ।

28 अप्रैल: सुबह एक आरोपित छोटेलाल का फोन आया। मिलने के लिए कहा। मना किया तो बोला बेटा हमने तेरा वीडियो बना लिया है। सामूहिक दुष्कर्म के आरोपितों ने धमकी देना शुरू कर दिया।

29 अप्रैल: वकील से मिलकर परिवाद तैयार कराया।

30 अप्रैल: युवक एसपी के पास परिवाद देने पहुंचा। एसपी ने 11:00 बजे से 3:30 बजे तक इंतजार कराया। परिवाद लिया और थाना प्रभारी सरदार सिंह को मार्क कर दिया।

1 व 2 मई: पुलिस युवक और युवती को मेडिकल के लिए ले गई। 2 मई की शाम को एफआई आर की कॉपी युवक को दी गई।

4 मई: आरोपितों ने वीडियो वायरल कर दिया। इसके बाद युवक थाना प्रभारी से मिला तो उसने कहा कोई बात नहीं वीडियो वायरल करने की एक धारा और जोड़ देंगे और बोला देखो 2 दिन कुछ नहीं होगा। चुनाव से निपटते ही कार्रवाई करेंगे।

7 मई: एसपी डॉ राजीव पचार को जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया। थाना प्रभारी सरदार सिंह को सस्पेंड कर दिया गया और एक एएसआई रूपनारायण, सिपाही राम रतन, महेश कुमार व राजेंद्र को लाइन हाजिर कर दिया गया। थानागाजी थाना में 29 पुलिसकर्मियों का स्टाफ उस वक्त था।

 आरोपितों के नाम:

1. इंद्राज गुर्जर

2.अशोक

3.छोटेलाल

4.हंसराज

5.महेश

6.मुकेश गुर्जर जिसने वीडियो वायरल की। (दुष्कर्म में शामिल नहीं था।) सभी आरोपित ड्राइवर व क्लीनर जैसे कामों से जुड़े हुए हैं। 

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Preeti jha

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप