प्रयागराज, जेएनएन। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद बहुजन समाज पार्टी (BSP) के घोषी (मऊ) सीट से सांसद अतुल राय की दो दिन के लिए पैरोल मंजूर किया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि 29 जनवरी को पुलिस अभिरक्षा में इन्हें दिल्ली ले जाया जाएगा। फिर 31 जनवरी 2020 को शपथ लेने के बाद वापस जेल में लाया जाएगा। यह आदेश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने अतुल राय की अर्जी पर दिया है। 

वाराणसी के लंका में एक मई, 2019 को अतुल राय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। तब से वह जेल में बंद है। 19 मई, 2019 को लोकसभा चुनाव में वह विजयी घोषित हुए, लेकिन जमानत न मिलने के कारण वह शपथ नहीं ले सके हैं। राय की जमानत अर्जी हाई कोर्ट से एक बार खारिज हो चुकी है। दोबारा दी गई जमानत अर्जी विचाराधीन है। संसद सदस्यता की शपथ लेने के लिए याची की तरफ से पैरोल पर रिहाई के लिए अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे स्वीकार करते कोर्ट ने यह आदेश दिया है। याची की तरफ से अधिवक्ता अजय श्रीवास्तव, दिलीप कुमार ने बहस की।

बता दें कि अतुल राय के खिसाफ बलिया जिले की एक युवती ने बनारस के लंका थाने में दुष्कर्म, धोखाधड़ी और धमकी देने समेत कई धाराओं मामला दर्ज कराया था। एफआईआर के मुताबिक अतुल राय युवती को लंका स्थित एक अपार्टमेंट के फ्लैट में झांसा देकर ले गए और उनका यौन उत्पीड़न किया। युवती ने अतुल राय के खिलाफ यह भी आरोप लगाया था कि वह दुष्कर्म के बाद उस पर मुंह बंद रखने का दबाव बनाते रहे। बता दे कि दुष्कर्म का आरोप लगने के बाद भी लोकसभा चुनाव में घोषी (मऊ) सीट से अतुल राय ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद हरिनारायण राजभर को एक लाख 22 हजार 18 हजार मतों से हराया था।

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