मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

लखनऊ, जेएनएन। पूर्व मंत्री व सांसद आजम खां के खिलाफ रामपुर प्रशासन द्वारा दर्ज कराई जा रहीं एफआइआर का मुद्दा तूल पकड़ रहा है। बचाव में आई समाजवादी पार्टी मानसून सत्र में इस मसले को जोरशोर से उठाने की तैयारी में है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले की जांच कराने के लिए 21 सदस्यों की उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन के नेतृत्व वाली यह कमेटी 20 जुलाई को रामपुर पहुंचेगी और मामले की जांच कर तीन दिन में अपनी सौंपेगी।

मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि कमेटी में विधानसभा और विधान परिषद सदस्यों को शामिल किया है, जिसमें प्रदेशाध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, बलराम यादव, दुर्गा प्रसाद यादव, शैलेंद्र यादव ललई, नरेंद्र सिंह वर्मा, रामसुंदर दास निषाद, मोहम्मद रिजवान, ओमकार सिंह यादव, शशांक यादव, तसलीम अहमद, फहीम इरफान, शरदवीर सिंह, नवाब जान, आशुतोष उपाध्याय, नईम उल हसन, उदयवीर सिंह, पुष्पराज जैन उर्फ पम्मी, वासुदेव यादव, राजपाल कश्यप, संजय लाठर और लीलावती कुशवाहा शामिल है।

रामपुर जिला प्रशासन दर्ज करा रहा फर्जी मुकदमे

राजेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि रामपुर जिला प्रशासन जौहर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति व पूर्व मंत्री आजम खां के खिलाफ किसानों से भूमि संबंधित फर्जी मुकदमे दर्ज करा रहा हैं। आजम के साथ उनके विधायक पुत्र अब्दुल्ला के खिलाफ भी रिपोर्ट करायी गई है। राजनीतिक द्वेष के चलते प्रताड़ित किया जा रहा है। चौधरी ने बताया कि कमेटी अध्यक्ष अहमद हसन तीन दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सपा अध्यक्ष को सौंपेंगे, जिसके आधार पर पार्टी आगे की रणनीति तैयार करेगी।

मानसून सत्र में उठाएंगे विपक्ष के उत्पीड़न का मुद्दा 

सपा गुरुवार से शुरू हो रहे विधान मंडल के मानसून सत्र में भी आजम खां के मुद्दे को जोरो-शोर से उठाएगी। बुधवार को विधायकों की बैठक सपा मुख्यालय में शाम चार बजे आयजित की गई है। इस बैठक में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मौजूद रहेंगे। सदन में विपक्ष के उत्पीड़न का मुद्दा बना कर अन्य विरोधी दलों को भी साथ लेने की तैयारी है।

जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन से जुड़े अब तक छह मुकदमे दर्ज 

रामपुर के आलियागंज के एक और किसान की तहरीर पर पुलिस ने सांसद आजम खां व जौहर यूनिवर्सिटी के मुख्य सुरक्षा अधिकारी आले हसन खां के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यूनिवर्सिटी की जमीन से जुड़े मामले में यह अब तक यह छठा मुकदमा है। यह मुकदमा ग्राम सींगनखेड़ा मझरा आलियागंज के कल्लन की तहरीर पर हुआ है, जिसमें 26 किसानों की जमीन जबरन कब्जा कर यूनिवर्सिटी में मिलाने का आरोप है। आरोप है कि 15 साल पहले सांसद और पूर्व सीओ ने जबरन उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया और उसे यूनिवर्सिटी की बाउंड्री में मिला लिया। उन्हें व उनके पूरे परिवार के साथ जेल भेजने की धमकी दी। जबरन 10-15 घंटे हवालात में भी बंद रखा गया था।

यह है मामला

आलियागंज गांव के 26 किसानों ने शपथ पत्र देकर जमीन कब्जाने की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। इसकी जांच के बाद राजस्व कानूनगो की ओर से अजीमनगर थाने में सांसद आजम खां व जौहर यूनिवर्सिटी के मुख्य सुरक्षा अधिकारी आले हसन खां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इससे पहले नदी की जमीन कब्जाने के आरोप में मुकदमा हुआ था। इसके बाद किसानों की ओर से अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। इस तरह प्रशासन की ओर से दो और किसानों की ओर से चार मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।

Posted By: Umesh Tiwari

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप