नई दिल्ली, जेएनएन। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का कहना है कि सस्ती बिजली व फ्री पानी का वादा करके आम आदमी पार्टी सत्ता में आई थी जिसे वह पूरा नहीं कर सकी। उपभोक्ताओं को बिजली पहले से भी अधिक महंगी मिल रही है।

स्थायी शुल्क, नए मीटर सुरक्षा शुल्क, सेवा लाईन शुल्क, पेंशन फंड आदि कई तरह के शुल्क वसूले जा रहे हैं, लेकिन बिजली नेटवर्क को दुरुस्त नहीं किया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में दिल्ली सरकार दिल्ली विद्युत बोर्ड के सेवानिवृत कर्मचारियों को अपने अधिकृत फंड से पेंशन देती थी, लेकिन आप सरकार ने बड़ी चालाकी से यह बोझ उपभोक्ताओं पर डाल दिया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में दो महीने में एकबार बिजली के बिल भेजा जाता था जिसे अब मासिक कर दिया गया है, इससे लोगों को ज्यादा शुल्क देने पड़ते हैं। आप सरकार ने बिजली का स्थायी शुल्क 50 से 500 फीसद तक बढ़ाया है। अन्य शुल्कों में भी इसी तरह की बढ़ोतरी हुई है।

उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के दौरान रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की बैठकों में उठाई गई मांगों पर गंभीरता से विचार होता था, लेकिन अब उनकी शिकायतों को दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जाता है। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था व अन्य सेवाओं का भी बुरा हाल है।

सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर गिर रहा है। उन्होंने भाजपा के सातों सांसदों के कामकाज पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के विकास में भाजपा सांसद योगदान नहीं दे रहे हैं। केजरीवाल सरकार की तरह सांसद भी दिल्ली के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं। प्रेस वार्ता में कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष हारुन युसूफ, देवेंद्र यादव व राजेश लिलोठिया, दिल्ली के पूर्व मंत्री मंगतराम सिंघल, रमाकांत गोस्वामी, मुख्य प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी, प्रवक्ता जितेंद्र कोचर, पूजा बाहरी व विजय मोहन भी मौजूद थे।