श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) श्रीनगर 72 दिन बाद फिर खुल गया। छात्रों भी पहुंचने शुरू हो गए हैं। संस्थान में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए परिसर और परिसर के बाहर व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए हैं। गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 पर केंद्र सरकार के फैसले के मद्देनजर एनआइटी प्रशासन ने एहतियात के तौर पर एनआइटी में कक्षाएं निलंबित कर दी थी। इसके बाद दूसरे राज्यों के छात्र हॉस्टल खाली कर घरों को लौट गए थे।

अलबत्ता, वादी में लगातार सुधरते हालात और सामान्य गतिविधियां पुन: बहाल होता देख केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय व एनआइटी प्रशासन ने सितंबर के अंतिम सप्ताह में एनआइटी को 15 अक्टूबर से अकादमिक गतिविधियों के लिए पुन: खोलने का एलान किया था। मंगलवार सुबह एनआइटी परिसर में छात्र पहुंचने शुरू हो गए। हालांकि गैर-रियासती छात्र नाममात्र पहुंचे, लेकिन श्रीनगर सहित जम्मू कश्मीर के विभिन्न हिस्सों के छात्र अच्छी खासी तादाद में नजर आए।

प्रफुल्ल नामक छात्र ने कहा कि यहां लौटकर अच्छा लग रहा है। उम्म्मीद है कि अकादमिक गतिविधियां अब निर्विघ्न चलेंगी। प्रशासन को चाहिए कि छात्रों के लिए परिसर में इंटरनेट सुविधा बहाल कराए। यह जरूरी है। एक अन्य छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यहां हालात का कोई पता नहीं चलता। वर्ष 2016 से मैं यहां हूं। उस साल भी करीब तीन माह तक अकादमिक गतिविधियां बंद रही थी। मेरे जैसे कई छात्र चाहते हैं कि उन्हें कश्मीर से बाहर किसी दूसरे एनआइटी में भेजा जाए।

खैर, यह आसान नहीं है।20 अक्टूबर से शुरू होंगी कक्षाएंएनआइटी के एक प्रोफेसर ने बताया कि अकादमिक गतिविधियां बुधवार 16 अक्टूबर को शुरू होंगी। मंगलवार को बीटेक के सातवें सत्र व पीएचडी छात्रों का बुलाया था। बीटेक के पहले, तीसरे व पांचवे सत्र के छात्रों के लिए संस्थान 20 को खुलेगा और कक्षाएं 21 अक्टूबर से बहाल होंगी। एमटेक के पहले व तीसरे सत्र के छात्रों को 20 अक्टूबर तक हर हाल में रिपोर्ट करना होगा, क्योंकि 21 से कक्षाएं शुरू होंगी। इसी तरह दाखिले के बाद कैंपस में रिपोर्ट न करने वाले एमएससी के पहले सत्र के छात्रों को भी मंगलवार को बुलाया था। एमएससी के तीसरे सत्र के छात्रों को 20 अक्टूबर को रिपोर्ट करना होगा। चर्चा में रहा था एनआइटी श्रीनगर1960 में स्थापित हुआ एनआइटी श्रीनगर कई बार सुर्खियों में रहा। इस समय यहां 2800 छात्र हैं। करीब 1800 हॉस्टल में रहते हैं। वर्ष 2016 में टी-20 क्रिकेट व‌र्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत की हार पर स्थानीय छात्रों ने परिसर में जश्न मनाया था। इसका गैर-कश्मीरी और गैर-रियासती छात्रों ने विरोध किया, जिसके बाद दोनों गुटों में मारपीट हुई थी। कुछ दिनों तक अकादमिक गतिविधियां भी ठप रही थीं।

एडीजीपी (सुरक्षा) मुनीर अहमद खान ने कहा कि जम्मू कश्मीर केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को हालात सामान्य बनाने के लिए एक टीम भी श्रीनगर भेजनी पड़ी थी।वादी में हालात पूरी तरह सुरक्षित और सामान्य हैं। हम चाहते हैं सभी छात्र आएं और पढ़ें। हम छात्रों को पढ़ाई योग्य सुरक्षित और साजगार माहौल उपलब्ध कराने को हर संभव कदम उठा रहे हैं। किसी को डरने की जरूरत नहीं। हालात पूरी तरह शांत व सुरक्षित हैं।  

Posted By: Preeti jha

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