'देश की छवि को नुकसान...', AI समिट में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर विपक्ष ने कांग्रेस को सुनाई खरी-खरी
नई दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर विरोध पर बवाल अखिलेश-मायावती-जगन ने जताई नाराजगी (फाइल फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के कुछ कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी दलों के कई नेताओं ने इस प्रदर्शन को अनुचित बताया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का व्यवहार देश की छवि को नुकसान पहुंचाता है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन वैश्विक मंच पर ऐसा प्रदर्शन ठीक नहीं था। उन्होंने कहा कि देश को विदेशी प्रतिनिधियों के सामने शर्मिंदा करने से बचना चाहिए।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब शुक्रवार को करीब 10 IYC कार्यकर्ताओं को भारत मंडपम के एग्जीबिशन हॉल नंबर-5 में नारे लगाने के बाद हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने सफेद टी-शर्ट पहन रखी थीं या हाथ में ली थीं, जिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की तस्वीरें थीं। टी-शर्ट पर 'India-US Trade Deal', 'Epstein Files' और 'PM is compromised' जैसे नारे लिखे थे।
विपक्षी नेताओं ने जताई नाराजगी
वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख वायएस जगनमोहन रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि इस घटना ने सभी को शर्मिंदा किया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद देश को दुनिया के सामने एकजुट दिखना चाहिए।
बसपा अध्यक्ष मायावती ने भी इसे अत्यंत अनुचित और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि अगर यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर का न होता तो बात अलग थी, लेकिन ऐसे मंच पर इस तरह का विरोध चिंता का विषय है।
आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि शिकायतें हो सकती हैं, लेकिन विरोध का तरीका बेहतर हो सकता था। उन्होंने कहा कि पहले भी अन्य दलों ने ऐसी हरकतें की हैं, लेकिन वह भी सही नहीं था।
BJP का हमला और IYC का जवाब
सत्तारूढ़ बीजेपी ने इस प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की। बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस और विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए इसे शर्मनाक बताया और कहा कि यह पूरी दुनिया का कार्यक्रम था, न कि किसी एक पार्टी का।
वहीं, भारतीय युवा कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि उनका विरोध 'समझौता करने वाले प्रधानमंत्री' के खिलाफ था। संगठन का कहना है कि वह देश के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने के लिए भारत मंडपम पहुंचे थे। इस घटना के बाद एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए इस विरोध को लेकर देश की राजनीति में तीखी बहस जारी है।
