नई दिल्ली, एएनआइ। तमाम सियासी अटकलों के बीच दिल्ली में आज यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। सीएम योगी आदित्यनाथ ने 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास पर पीएम मोदी से मुलाकात की। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर शुरू हुई अटकलों के बीच आज मुख्ययमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई।

पीएम मोदी से मुलाकात के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट  कर लिखा- आज आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट एवं मार्गदर्शन प्राप्ति का सौभाग्य प्राप्त हुआ। अपनी व्यस्ततम दिनचर्या से भेंट के लिए समय प्रदान करने व आत्मीय मार्गदर्शन करने हेतु आदरणीय प्रधानमंत्री जी का हृदयतल से आभार।

नड्डा से भी मिले योगी

पीएम मोदी से मुलाकात के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली स्थित भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर उनसे मुलाकात की। जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद सीएम योगी ने ट्वीट कर लिखा- आज आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा जी से नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट कर विभिन्न विषयों पर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। अपनी व्यस्त दिनचर्या से मुझे समय प्रदान करने के लिए आदरणीय अध्यक्ष जी का कोटिशः आभार।

इससे पहले कल योगी आदित्यनाथ और गृह मंत्री अमित शाह की मुलाकात हो चुकी है। इन दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद नड्डा ने पीएम से भेंट की थी। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश सरकार और संगठन में कुछ बदलाव हो सकते हैं। ये मुलाकातें उसी सिलसिले में चल रही हैं।

शाह से हुई योगी की मुलाकात

इससे पहले गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। अमित शाह ने उन्हें सबको साथ और विश्वास में लेकर बढ़ने की राय दी। सूत्रों का कहना है कि शाह से बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव के समीकरण, इस लिहाज से नए साथी दलों व प्रभावी चेहरों की तलाश पर भी चर्चा हुई। 

माना जा रहा है कि इस मुलाकात के साथ ही राज्य में बहुत जल्द छोटा मंत्रिमंडल विस्तार संभव है। इसकी अटकलें भी तेज हो गई है कि उत्तर प्रदेश जैसे ब़़डे राज्य के चुनाव में उतरने से पहले ही केंद्र में भी बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार हो सकता है।

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के दो दिवसीय दिल्ली दौरे पर पहुंचने के साथ ही राजनीति गर्म रही। सूत्रों के अनुसार कुछ दिनों पहले भाजपा के संगठन महामंत्री बीएल संतोष और प्रभारी राधामोहन सिंह के लखनऊ दौरे में मिले फीडबैक के आधार पर शाह ने भी मुख्यमंत्री को सुझाव दिया कि सभी को साथ लेकर चलें। राहत कार्यो में भी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता मिले।

इस दौरे में कई नेताओं ने कोरोना से निपटने, लोगों के बीच मोहभंग और सरकार और पार्टी नेताओं के बीच समन्वय की कमी जैसे मुद्दों को पार्टी के सामने रखा। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने विधानसभा चुनाव से कई महीने पहले राज्य सरकार के खिलाफ उठ रही इन आवाजों पर रोक लगाते हुए योगी आदित्यनाथ पर अपना भरोसा जताया है।

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2022 में होने वाले हैं। भाजपा ने 2017 के विधानसभा चुनावों में 300 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज की थी। 403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रमुख दलों में भाजपा के 309, समाजवादी पार्टी के 49, बहुजन समाजवादी पार्टी के 18 और कांग्रेस के 7 विधायक हैं।

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