नई दिल्ली, प्रेट्र/आइएएनएस। भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान ने युद्धक विमान से पाकिस्तानी जमीन पर गिरने के बाद अदम्य साहस दिखाते हुए कर्तव्यों के पालन के लिए हरसंभव काम किए। सीमा पार के गांव के मुखिया और प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक भारतीय वायुसेना की वर्दी में लैस अभिनंदन ने देशभक्ति के नारे लगाए, हवा में फायर किए और दुश्मन की जमीन पर अपने दस्तावेजों को नष्ट करने के लिए निगलने की कोशिश की और उन्हें तालाब में डुबोकर नष्ट कर दिया।

विगत बुधवार को सुबह पौने नौ बजे नियंत्रण रेखा से महज सात किलोमीटर आगे भीमबर जिले के होरन गांव के मुखिया मुहम्मद रज्जाक चौधरी अपने घर के बाहर ही खड़े थे। उन्होंने वर्दी से लैस विंग कमांडर अभिनंदन को देखा। तभी अभिनंदन का पाकिस्तानी फौज की गिरफ्त में आने से पहले पाकिस्तानी युवकों के एक समूह से सामना हुआ। चौधरी ने ब्रिटिश चैनल बीबीसी को इस बेहद खतरनाक वाकिये का सिलसिलेवार विवरण दिया।

उसने बताया कि मिग-21 के मलबे के जमीन पर गिरने के साथ ही आसपास के गांवों के लोग वहां जमा हो गए थे। अभिनंदन वर्तमान भी वहां आ गिरे। चौधरी ने बताया कि उन्होंने जमीन पर आते ही ग्रामीणों से पहला सवाल पूछा-क्या वह भारत में हैं? गांव वालों ने चालाकी दिखाते हुए उन्हें हां में जवाब दिया। इसके बाद पायलट ने देशभक्ति के नारे लगाए। इसके जवाब में ग्रामीण लड़कों ने पाकिस्तान समर्थक नारे लगाए। इससे पायलट अभिनंदन स्तब्ध रह गए।

जबकि पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक अभिनंदन जब भारत समर्थक नारे लगाए तो एक युवक ने बड़ी चालाकी से उन नारों को दोहराया। जब विंग कमांडर ने जगह का नाम पूछा तो जवाब मिला किलां। तब पायलट ने बताया कि उसकी रीढ़ की हड्डी टूटी है और पानी पिलाने का निवेदन किया। लेकिन कुछ 'भावना में बह गए' लड़के इस बात को हजम नहीं कर पाए और पाकिस्तान आर्मी जिंदाबाद के नारे लगा बैठे।

बकौल 58 वर्षीय रज्जाक, 'मेरा मकसद पायलट को जिंदा पकड़ना था। मैंने उसके पैराशूट पर भारतीय झंडा देखा था। मैं जानता था वह भारतीय है।' पाकिस्तानी ग्रामीणों ने उन पर पत्थर बरसाने शुरू किए। उसके बाद अपनी आत्मरक्षा में अभिनंदन ने अपनी जेब से पिस्तौल निकालकर हवा में कई फायर किए और भागकर अपनी जान बचाने की कोशिश की। लड़कों ने उनका पीछा किया और वह एक तालाब में गिर गए। तब रज्जाक के एक भतीजे ने भारतीय पायलट के पैर में गोली मार दी।

साथ ही उनसे अपनी पिस्तौल फेंकने को कहा। इस बीच, अभिनंदन वर्तमान ने अपनी जेब में रखे अपने दस्तावेजों को दुश्मनों का हाथों में जाने से बचाने के लिए नष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कुछ कागज तो मुंह में भर लिए और उसे तालाब में फेंक कर नष्ट कर दिया। लेकिन पाकिस्तानी गांव वालों ने कुछ कागज हासिल कर लिए जो बाद में पाकिस्तानी फौज को सौंपे गए। इसके बाद आक्रामक भीड़ ने अभिनंदन पर हमला बोल दिया। वह उन्हें तब तक मारते रहे जब तक पाकिस्तानी फौज वहां नहीं पहुंच गई।

Posted By: Sanjeev Tiwari