इंदौर, जेएनएन। मध्य प्रदेश के बहुचर्चित हनी ट्रैप से जुड़े मामले में फरार आरोपित और अखबार संचालक जीतू (जितेंद्र) सोनी के इंदौर स्थित विवादास्पद होटल माय होम के कलाकारों की गिरफ्तारी के विरोध में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय आ गए हैं। एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र को फोन लगाकर विजयवर्गीय ने कहा कि कलाकार माय होम के कर्मचारी नहीं हैं। वे तो जिस प्रकार शादी, जन्मदिन आदि में प्रस्तुति देते हैं, वैसे ही वहां भी जाते थे। उन पर मानव तस्करी का केस क्यों लगाया? हमारे सहयोगी अखबार नर्इ दुनिया ने यह जानकारी दी है।

भाजपा नेता ने एसएसपी से कहा कि यदि पुलिस अपनी कार्रवाई को जायज मान रही है तो फिर जिस क्षेत्र में माय होम है, उस क्षेत्र के एसपी, सीएसपी, थाना प्रभारी भी उतने ही जिम्मेदार हैं क्योंकि जानकारी होने के बावजूद उन्होंने कार्रवाई नहीं की। उन पर भी आप प्रकरण दर्ज करें।

होटल कलाकारों ने पुलिस पर लगाया आरोप

एसएसपी ने फोन पर उनसे कहा कि मामले में पुलिस कानूनी सलाह ले रही है। दरअसल, मंगलवार को कलाकारों के परिजन विजयवर्गीय से मिले और बताया कि पुलिस ने कलाकारों को बयान के लिए बुलाया था लेकिन उन पर गंभीर धाराएं लगाकर जेल भेज दिया। महंगे गिटार, ड्रम भी थाने में जमा कर लिए हैं। जो युवतियां माय होम में नृत्य करती थीं और गाती थीं, उन्हें आरोपित नहीं बनाया तो फिर संगत कलाकार कैसे दोषी हो सकते हैं?

हनी ट्रैप में फंसे अफसरों को हम बेनकाब करेंगे

बाद में पत्रकारों से चर्चा में विजयवर्गीय ने कहा कि हनी ट्रैप में बड़े अफसर फंसे हैं। वे सरकार को अपनी अंगुलियों पर नचा रहे हैं। इसमें शामिल लोग खुद को बचाने के लिए इंदौर में धमाके कर रहे हैं, लेकिन वे बच नहीं पाएंगे। सरकार ने उन्हें बेनकाब नहीं किया तो हम करेंगे।

गरीबों के साथ ज्यादती पर चुप नहीं रहेंगे

कलाकारों के निर्दोष होने की गारंटी लेने के सवाल पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि बात कलाकारों के निर्दोष होने की गांरटी लेने की नहीं है। अधिकारी खुद सोचें कि कलाकार किसी तरह अपनी आजीविका चलाते हैं। उन्हें मानव तस्करी जैसे आरोप में किस आधार पर गिरफ्तार किया गया है, पहले यह स्पष्ट होना चाहिए। क्या उनके खिलाफ कोई सुबूत मिले हैं? हम गलत काम करने वालों का समर्थन नहीं करते, लेकिन यदि कलाकारों को केवल इस बात के लिए आरोपित बनाया कि वे माय होम होटल में काम करते थे तो पहले उस क्षेत्र की पुलिस और निगम अफसरों को आरोपित बनाया जाना चाहिए। क्योंकि, उन्हें भी ये पता था कि सालों से उक्त होटल में क्या चल रहा था। गरीबों के साथ ज्यादती होगी तो हम चुप नहीं बैठेंगे।

हनी ट्रैप के आरोपितों को नहीं मिली जमानत

हनी ट्रैप के आरोपितों की पुनरीक्षण याचिका खारिज करते हुए सत्र न्यायालय ने जमानत देने से इन्कार कर दिया। आरोपितों ने इस आधार पर जमानत मांगी थी कि 60 दिन बाद भी पुलिस मामले में चालान पेश नहीं कर सकी है। सत्र न्यायालय ने माना कि मामला इतना गंभीर है कि पुलिस को चालान पेश करने के लिए 90 दिन दिए जा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि हनी ट्रैप मामले में पुलिस ने छह आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में केस दर्ज किया है। सभी आरोपित इसके बाद से ही जेल में हैं।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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