नई दिल्ली [जेएनएन]। विजय माल्या के देश छोड़ने से पहले वित्त मंत्री से मुलाकात के खुलासे ने राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी बढ़ा दी है। विपक्ष को बैठे-बिठाए हमलावर होने का मौका मिल गया है। विपक्ष की ओर से इस मामले पर अब राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच और वित्त मंत्री जेटली के इस्तीफे की मांग की है। 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ''लंदन में मौजूद विजय माल्या की ओर से गंभीर आरोप जड़े गए।प्रधानमंत्री को इस मामले में स्वतंत्र जांच के आदेश देने चाहिएं। जब तक जांच चल रही है तब तक अरुण जेटली को वित्त मंत्री से हटाया जाना चाहिए।''

पूनिया ने कहा- दोनों को साथ देखा
वहीं, कांग्रेस नेता पीएल पूनिया ने इस मामले में मीडिया को बताया कि देश छोड़कर भागने से पहले उन्होंने माल्या और जेटली को साथ में देखा था। दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। पूनिया ने कहा कि संसद भवन में मौजूद सीसीटीवी फुटेज से इस बात की पुष्टि की जा सकती है।

सिंघवी ने कहा- किसकी मदद से भागा माल्या
सिंघवी ने कहा कि उनकी पार्टी पिछले 18 महीने से लगातार कह रही है कि न सिर्फ विजय माल्या बल्कि नीरव मोदी, मेहूल चोकसी समेत कई लोगों को भागने दिया गया। उन्होंने कहा कि विजय माल्या ने 'वित्तमंत्री से मुलाकात' का जिक्र किया। 'वित्त मंत्री से मुलाकात' शब्द का इस्तेमाल राज्यसभा के गलियारे में हुई अनौपचारिक मुलाकात की ओर इशारा नहीं करता। सिंघवी ने कहा कि इस बारे में और ज्यादा विस्तृत जानकारी सामने आनी चाहिए। सिंघवी ने यह भी सवाल उठाया कि जब सबको पता था कि विजय माल्या पर कर्ज है तो वह देश छोड़कर कैसे चला गया?.

सीपीएम ने भी बोला हमला
सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि यह वो तथ्य है जो कि हम सभी पहले से जानते थे। सरकार अब जो चाहे सफाई दे लेकिन ये साबित होता है कि बैंकों से ऋण लेने और सार्वजनिक धन लूट कर फरार होने वाले में से किसी ने भी सरकार की जानकारी के बिना देश नहीं छोड़ा।

सुब्रमण्यम स्वामी बोले- जांच हो किसने की भागने में मदद
वहीं, इस मामले में भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि माल्या की किसी बात पर विश्वास नहीं किया जा सकता। स्वामी ने कहा कि लेकिन इस बात की जांच होनी चाहिए कि उसे देश से किसने भागने दिया।

Posted By: Vikas Jangra