जयपुर [ नरेन्द्र शर्मा ]। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) की कमान अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत के हाथ में होगी। जोधपुर से लोकसभा चुनाव हारने के बाद अपने लिए राजनीतिक कार्यक्षेत्र तलाश रहे वैभव गहलोत अब प्रदेश में क्रिकेट की राजनीति करेंगे।

अब तक अध्यक्ष पद की दावेदारी कर रहे कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता रामेश्वर डूडी की अध्यक्षता वाले नागौर जिला क्रिकेट संघ को निर्वाचन अधिकारी आरआर रश्मी द्वारा मान्यता नहीं देने के बाद वैभव गहलोत के आरसीए अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ हो गया। अब डूडी गुट ने अध्यक्ष पद पर वैभव गहलोत का समर्थन तो किया, लेकिन अन्य पदों पर चुनाव लड़ने की बात कही है।

वैभव गहलोत का नामांकन-पत्र दाखिल

वैभव गहलोत ने मंगलवार को अध्यक्ष पद के लिए नामांकन-पत्र दाखिल कर दिया। नामांकन-पत्र दाखिल करने के बाद वैभव गहलोत ने विधानसभा अध्यक्ष एवं आरसीए के वर्तमान अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी का आभार जताते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से ही वे पहले राजसमंद जिला क्रिकेट संघ के कोषाध्यक्ष बन सके और अब आरसीए अध्यक्ष का चुनाव लड़ रहे है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट की बेहतरी के लिए सबको साथ लेकर चलेंगे।

सोमवार रात दो बजे जारी हुई मतदाता सूची

इससे पहले आरसीए चुनाव के लिए सोमवार रात 8 बजे मतदाता सूची जारी होनी थी, लेकिन चुनाव अधिकारी आरआर रश्मि ने इसे जारी करते-करते रात के 2 बजा दिए। अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद वैभव गहलोत का अध्यक्ष बनना तय हो गया।

वहीं ललित मोदी से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े तीनों जिलों नागौर, अलवर और श्रीगंगानगर की संबद्धता बीसीसीआई की शर्त के अनुसार समाप्त कर दी गई है। अब तक आरसीए अध्यक्ष पद की दावेदारी कर रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामेश्वर डूडी नागौर संघ के ही अध्यक्ष बने थे, लेकिन उन्हे मान्यता नहीं दी गई।

उल्लेखनीय है कि बीसीसीआई ने आरसीए का सस्पेंशन खत्म करने के लिए यह भी शर्त रखी थी कि राजस्थान क्रिकेट में ललित मोदी से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा कोई भी नहीं रह सकता है।

ललित मोदी इस्तीफा देने से पहले तक नागौर जिला संघ के अध्यक्ष थे। इसी तरह अलवर के अध्यक्ष ललित मोदी के बेटे रुचिर मोदी है। इसी तरह श्रीगंगानगर से महमूद आब्दी जो कि ललित मोदी के साथ अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। इसके अलावा आरसीए के नए संविधान में यह भी शर्त रखी गई है कि राजस्थान की वोटर लिस्ट में नाम होना और वहां का डोमिसाइल होना भी आवश्यक है। तीन जिलों की संबद्धता समाप्त होने के बाद अब बचे 30 जिलों में से 18 तो सीधे-सीधे वैभव गहलोत के समर्थन में आ गए है।

वरिष्ठ कांग्रेसियों ने डूडी को मनाया

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार अब तक अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने को लेकर अड़े डूडी की अध्यक्षता वाले नागौर जिला क्रिकेट संघ को एक तरफ तो मान्यता नहीं दी गई। वहीं दूसरी तरफ सोमवार शाम से लेकर मंगलवार सुबह तक कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे, सचिव विवेक बंसल और खुद सीएम अशोक गहलोत ने डूडी से बात कर इस मामले को आगे नहीं बढ़ाने एवं डॉ.सीपी जोशी को लेकर बयानबाजी नहीं करने के लिए मनाया। सूत्रों के अनुसार आगामी दिनों में डूडी को सरकार में राजनीतिक नियुक्ति देकर उपकृत किया जा सकता है ।

Posted By: Bhupendra Singh

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