अजय जायसवाल, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 'जागरण फोरम' के मंच पर पहुंचे तो उनसे धर्म, राजनीति और राम मंदिर पर सवाल होना स्वाभाविक था। योगी ने भी बेहिचक उनके जवाब दिए। उन्होंने बेबाकी से कहा कि यदि राम मंदिर का मसला उत्तर प्रदेश सरकार से हल हो सकता तो हम 24 घंटे में समाधान दे देते और कोई विवाद भी न होता। लेकिन यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है और हम संवैधानिक व्यवस्थाओं का सम्मान करते हैं। इसी क्रम में उन्होंने यह भी स्वीकार किया मंदिर की लेकर उनकी भावनाएं जनभावनाओं से अलग नहीं हैं।

योगी के संबोधन के केंद्र में मुख्य रूप से राम मंदिर रहा। मंदिर के निर्माण में दशकों के इंतजार से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि हम तो सुप्रीम कोर्ट से अपील करेंगे कि देश की भावना को ध्यान में रखते हुए इस मामले का जल्द पटाक्षेप होना चाहिए। देश के विकास व सौहार्द के लिए भी यह आवश्यक है। ऐसा कोई मामला नहीं है, जिसका समाधान न निकले। एकदम हो सकता है। अच्छा होता राम मंदिर का मामला न्यायालय से पहले बातचीत से सुलझ गया होता। योगी का लहजा इस मुद्दे पर हमेशा की तरह आक्रामक ही था। उन्होंने सवाल किया, 'वर्ष 2010 में हाई कोर्ट के फैसले के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। आखिर क्यों? जब सोमनाथ मंदिर का रास्ता निकल सकता है तो राम मंदिर का मसला बातचीत से क्यों नहीं हल हो सकता?' इसी कड़ी में उन्होंने कांग्रेस को भी घेरा और कहा कि एक खानदान से जाकर पूछिए कि मामला क्यों लटकाए रखा। साथ ही कम्युनिस्टों पर भी हमला बोला कि उन्हें अपने धर्म और संस्कृति की जानकारी होती तो वे राम के अस्तित्व पर सवाल नहीं उठाते।

गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी ने कहा कि उनकी तीन-तीन पीढि़या राम मंदिर निर्माण की अगुआई करती रही हैं। मंदिर का निर्माण उनके लिए गौरव का क्षण होगा। राम मंदिर संबंधी विधेयक संसद में लाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम लोग अदालती मामलों को संसद में चर्चा का विषय नहीं बनाते। लोकतंत्र के लिए यह जरूरी है कि संवैधानिक संस्थाओं की लक्ष्मण रेखा को बनाए रखा जाए।

राजनीति दीर्घकालीन धर्म है और धर्म अल्पकालिक राजनीति

धर्म और राजनीति के परस्पर संबंधों और उसकी व्याख्या की बारी आई तो योगी ने कहा कि धर्म और राजनीति एक-दूसरे के पर्याय हैं। राजनीति दीर्घकालीन धर्म है और धर्म अल्पकालिक राजनीति है। धर्म में पाखंड घुसेगा तो उसके परिमार्जन के लिए राजनीति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की जन्मभूमि है। उत्तर प्रदेश की सफलता के बिना देश में सफल नहीं हुआ जा सकता।

Posted By: Tilak Raj