नई दिल्ली (जेएनएन)। 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा का विजय रथ रोकने के इरादे से आज संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी विपक्षी दलों को भोज देने जा रही है। इस डिनर डिप्लोमेसी के बहाने सोनिया गांधी ने एक बार फिर विपक्षी नेताओं को एकजुट करने की पहल की है। कांग्रेस इस डिनर के सहारे तीसरे मोर्चे की बजाय भाजपा के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक विपक्षी एकजुटता वाले गठबंधन की राजनीतिक जरूरत का संदेश देने की कोशिश करेगी। जाहिर है कि कांग्रेस के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी राहुल गांधी को सौंपने के बाद अब सोनिया गांधी की कोशिश 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष को एकजुट करने की है।

ममता नहीं होंगी शामिल!

सोनिया के इस डिनर में ज्यादातर विपक्षी नेता शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि डिनर से पहले होने वाली बैठक में 17 दल के नेता शिरकत करेंगे। हालांकि कहा ये जा रहा है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बसपा सुप्रीमो मायावती, टीएमसी सुप्रीमो व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और एनसीपी प्रमुख शरद पवार के डिनर में शामिल होने पर संशय बना हुआ है। सूत्रों की मानें को सोनिया के डिनर में तृणमूल कांग्रेस की तरफ से डेरेक ओ ब्रायन और सुदीप बनर्जी तो शामिल होंगे लेकिन खुद ममता बनर्जी इसमें शिरकत नहीं करेंगी

इन नेताओं का आना तय

आज होने वाले डिनर में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का आना तय है। उनके इस डिनर में शामिल होने से बिहार की राजनीति में नए कयास लगाए जा रहे हैं। उधर एनडीए छोड़कर अलग हुए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी के भी इस डिनर में शामिल होने की खबर है।

Posted By: Nancy Bajpai