नई दिल्ली, प्रेट्र। सरकार की मौजूदा नीति में आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों को मुआवजा देने का प्रावधान नहीं है। कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने राज्यसभा में शुक्रवार को एक पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए यह कहा।

आत्महत्या करने वाले किसानों के आश्रितों को मुआवजा देने का प्रावधान नहीं: मंत्री

सवाल पूछा गया था कि सरकार ने आत्महत्या करने वाले किसानों के आश्रितों को किसी योजना के तहत मुआवजा देने का प्रावधान किया है या नहीं। इसके जवाब में रुपाला ने कहा, 'सरकार की ऐसी कोई नीति नहीं है जिसमें आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों को सहायता मुहैया कराने का प्रावधान है।'

किसानों की हालत में सुधार के लिए कई योजनाएं

उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि सरकार के कृषि विभाग ने किसानों की हालत में सुधार लाने के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत 10,000 से 50,000 रुपये की एक लचीली सीमा मुहैया कराई गई है। सीमांत किसानों को यह सुविधा उनकी जमीन और फसल भंडारण से संबंधित कर्ज जरूरतों के लिए मुहैया कराई गई है।

अल्पकालिक फसल ऋण के लिए ब्याज अनुदान

आरबीआइ ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित इलाकों में कर्ज मुहैया कराने वाले संस्थानों द्वारा राहत के उपाय के लिए भी दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा सरकार ने तीन लाख रुपये तक के अल्पकालिक फसल ऋण के लिए ब्याज अनुदान भी शुरू किया है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना

किसान परिवारों को आय समर्थन मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई है। उन्हें खेती और इससे जुड़ी गतिविधियों से संबंधित खर्च के साथ ही घरेलू जरूरतों में सहायता मुहैया कराने और कर्ज के जाल से सुरक्षा देने के लिए यह कदम उठाया गया है।

Posted By: Bhupendra Singh

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