नई दिल्ली, एएनआइ। केरल में निपाह वायरस का पहला मामला सामने आने के बाद केंद्र सरकार भी सतर्क हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने मंगलवार सुबह अपने आवास पर अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में स्वास्थ्य सचिव भी मौजूद रहे। मीटिंग के बाद हर्षवर्धन ने कहा कि छह अधिकारियों की एक टीम केरल के लिए सोमवार को ही रवाना कर दिया गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में केरल के स्वास्थ्य मंत्री से बातचीत की है और हरसंभव मदद देने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि चमगादड़ों को लेकर वह वन विभाग के संपर्क में हैं। निपाह वायरस से किसी को भी खबराने की जरूरत नहीं है।

बता दें कि केरल में निपाह वायरस (Nipah Virus) ने दस्तक दी है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने राज्य में निपाह वायरस के पहले मामले की पुष्टि की है। 23 साल के एक छात्र को निपाह वायरस से संक्रमित होने के शक में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। निपाह वायरस की पुष्टि पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) की रिपोर्ट में हुई है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, निपाह वायरस एक नई उभरती बीमारी है। इसे 'निपाह वायरस एन्सेफलाइटिस' भी कहा जाता है। यह एक तरह का दिमागी बुखार है, जिसका संक्रमण तेजी से फैलता है। संक्रमण होने के 48 घंटे के भीतर यह व्यक्ति को कोमा में पहुंचा देता है। इसकी जद में जो भी व्यक्ति आता है उसे सांस लेने में दिक्कत के साथ सिर में भयानक दर्द और तेज बुखार होता है।

क्या है निपाह वायरस और उसके लक्षण?
- यह इंसान तथा जानवरों में फैलने वाला संक्रमण है।
- मनुष्यों में निपाह वायरस की वजह से ब्रेन में सूजन आ जाती है।
- बुखार, सिरदर्द, चक्कर, मानसिक भ्रम होता है।
- रोगी को सांस संबंधित समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है
 

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Posted By: Mangal Yadav

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