उज्जैन (नईदुनिया)। मध्य प्रदेश के उज्जैन से भाजपा सांसद चिंतामणि मालवीय से जुड़ा एक वीडियो रविवार को वायरल हुआ। इसमें वह सुप्रीम कोर्ट के जजों के चयन पर टिप्पणी करते दिख रहे हैं। वीडियो में सांसद कह रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में संशोधन इसलिए किया गया चूंकि वहां कोई अजा वर्ग का जज नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वहां कॉलेजियम पद्धति चलती है। इसमें जज ही जज का चयन करते हैं, सरकार नहीं। बकौल सांसद मालवीय, देश में 500 घर हैं, 500 घराने। इनमें से ही जज बन रहे हैं। कोई उनका पोता, कोई उनका बंधु... यही बन रहे हैं। सब सामान्य वर्ग के।

हालांकि, यह वीडियो करीब डेढ़ महीने पुराना और उस समय का है जब सांसद अजा कार्यकर्ताओं की संभागीय बैठक ले रहे थे। करीब तीन मिनट के इस वायरल वीडियो में मालवीय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में अजा वर्ग का न्यायाधीश इसलिए नहीं है कि क्योंकि वहां आरक्षण नहीं है। आरक्षण दिलाने का काम भाजपा कर रही है।

वीडियो में सांसद ने यह भी कहा कि आरक्षण कोई खत्म नहीं कर सकता। आरक्षण तब तक खत्म नहीं होगा जब तक भेदभाव है। जिस दिन उज्जैन उत्तर और दक्षिण (दोनों सामान्य वर्ग की विधानसभा सीटें) पर अजा वर्ग का उम्मीदवार जीत जाएगा, उस दिन आरक्षण की जरूरत नहीं पड़ेगी। जब समानता आ जाएगी फिर आरक्षण की बैसाखी क्यों?

जाति बोध अधिक

वायरल वीडियो में सांसद ने अजा जजा अत्याचार निवारण अधिनियम में सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए संशोधनों पर कहा-' अब वो वहां हैं इसलिए आपके खिलाफ वरडिक्ट देते हैं। जाति बोध बड़ा ज्यादा है। सांसद ने कहा कि भाजपा ही दलितों के साथ खड़ी है, कांग्रेस नहीं। कांग्रेस सामान्य वर्ग और अजा वर्ग के बीच जहर घोलने के काम कर रही है। इससे बचना चाहिए।

इनका कहना है

'मैं अजा कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहा था। उन्हें बता रहा था कि सोशल मीडिया पर जो कुछ चल रहा है वह कांग्रेस चला रही है। कांग्रेस दुष्प्रचार में लगी है। इसलिए, सतर्क रहने की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट में जजों के चयन को लेकर मैंने जो कुछ कहा वह स्थापित सत्य है।'
-चिंतामणि मालवीय, सांसद, उज्जैन

Posted By: Nancy Bajpai