श्योपुर, मध्य प्रदेश (हरिओम गौड़)। खुले में शौच आपके लिए कितना हानिकारक है, इसे अक्सर सरकार अपने विज्ञापनों के जरिए समझाती आई है? हालांकि इस बीच कोई शौचालय की कमी के कारण खुले में शौच को मजबूर है, तो कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें शायद इन सब से कोई फर्क नहीं पड़ता। इन दो तरह के लोगों के अलावा ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने देवताओं के लिए शौचालय बनवा डाला है। सुनने में ये हास्यास्पद है, लेकिन ऐसा हकीकत में देखने को मिला है मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में। 

देवताओं के लिए बना रही शौचालय
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के आदिवासी विकासखंड कराहल की सिलपुरी ग्राम पंचायत में अनेक लोग खुले में शौच करते हैं, मगर पंचायत उनकी चिंता करने के बजाय देवताओं के लिए शौचालय बनवा रही है। पंचायत के सभी घरों में शौचालय नहीं है, लेकिन पंचायत सचिव ने स्वच्छता अभियान के तहत एक शौचालय गांव के देवता के लिए बनवा दिया है।

गांव के बाहर देवता के चबूतरे के पास बने इस शौचालय के उपयोग को लेकर ग्रामीण और सरपंच तक आपत्ति जता रहे हैं। रोचक बात यह है कि पंचायत सचिव ने शौचालय निर्माण की प्रगति दर्शाने के लिए यह अनूठा कार्य किया है।

गौरतलब है कि स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय विहीन घरों में सरकार की मदद से शौचालय बनवाए जा रहे हैं। हितग्राही खुद शौचालय नहीं बनाते तो पंचायत ठेका देकर हितग्राहियों के घरों में शौचालय बनवा रही है। सिलपुरी पंचायत में भी ठेकेदार के माध्यम से शौचालय बनवाए जा रहे हैं। दो दिन पहले ही ठेकेदार ने एक शौचालय गांव से बाहर देवता के चबूतरे के पास बना दिया है। इस शौचालय के आस-पास कोई घर नहीं है। गांव के सरपंच वेस्सा पटेलिया ने बताया कि यह शौचालय पंचायत सचिव ने देवता के लिए बनवा दिया है। कोई ग्रामीण इसका उपयोग नहीं कर रहा है। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में शौचालय बनाने के नाम पर घपलों की शिकायत पहले भी हो चुकी है।

स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय का निर्माण हितग्राही के घर पर किया जाता है। सिलपुरी में देवता के नाम पर कोई निर्माण हुआ है, इसकी जानकारी या शिकायत नहीं मिली है। यदि ऐसा हुआ है तो जांच कराकर सचिव व रोजगार सचिव के खिलाफ विधिवत कार्रवाई होगी।

- ऋषि गर्ग, जिला पंचायत सीइओ, श्योपुर

Posted By: Nancy Bajpai