मुंबई, पीटीआइ। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बुधवार को मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कर दिया था। जैश- ए-मुहम्मद सरगना मौलाना मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किए जाने के बाद यह भारत की एक बड़ी कूटनीतिक जीत बताई जा रही है। हालांकि चुनावी माहौल के बीच अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने की टाइमिंग को लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए थे, जहां अब शिवसेना ने इसपर पलटवार किया है। अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में पार्टी ने कहा, 'आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कोई तय समय नहीं हुआ करता'।

शिवसेना ने अपने बयान में कहा, 'पाकिस्तान आतंकवाद का कारखाना चलाता है और मसूद अजहर इसका निदेशक है, वो भारत का नंबर एक दुश्मन है। वह पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख है, जो एक आतंकवादी संगठन है। वह न केवल कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को लेकर बल्कि मुंबई में हुए 26/11 के हमलों का भी दौषी है।

आगे कहा गया, 'अजहर का सपना, भारत को तोड़ना। यह शैतान पुलवामा आतंकी हमले के पीछे भी था, जिसमें हमारे कई जवान शहीद हो गए थे। यहां तक की उसने हमले की ज़िम्मेदारी का दावा भी किया था। लेकिन कांग्रेस नेताओं और मोदी विरोधियों ने आरोप लगाया कि यह लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक लाभ के लिए किया गया था। शिवसेना ने आगे कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि कांग्रेस ने यह भी पूछा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा अजहर को 'वैश्विक आतंकवादी' के रूप में सूचीबद्ध करने से भारत को क्या फायदा हुआ।

शिवसेना ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कहा, वे संयुक्त राष्ट्र के कदम की समय-सीमा पर सवाल उठा रहे थे। उनके मन में एक डर था कि कई इसका फायदा लोकसभा चुनावों में मोदी को ना मिल जाए'। इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा कि अगर टाइमिंग जाननी है संयुक्त राष्ट्र से जाकर पूछे। आतंकवादियों से निपटने के दौरान किसी को इसकी टाइमिंग के बारे में नहीं सोचना चाहिए।

शिवसेना ने संयुक्त राष्ट्र के इस कदम पर मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा, 'यह भारतीय कूटनीति की जीत है, इससे पहले, मोदी ने बालाकोट में हवाई हमले किए और अब संयुक्त राष्ट्र के माध्यम से अजहर पर शिकंजा कसा, यही कारण है कि लोग मोदी के मजबूत नेतृत्व में विश्वास करते हैं ।

बता दें कि पाकिस्‍तान में बैठे आतंकी मसूद अजहर पर भारत को मिली बड़ी कामयाबी का श्रेय जहां एक ओर अमेरिका को जाता है तो वहीं चीन को भी जाता है। चीन को इसलिए क्‍योंकि वही एक मात्र देश ऐसा था जो पिछले चार बार से संयुक्‍त राष्‍ट्र में आतंकी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने से वीटो लगाकर बचाता आ रहा था। लेकिन इस बार उसने ऐसा नहीं किया।

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