नई दिल्ली, प्रेट्र। सरकार लंबित चल रहे विधेयकों और जरूरी विधायी कार्यो को निपटाने के लिए संसद के मौजूदा सत्र को आगे बढ़ा सकती है। सत्र का समापन 26 जुलाई को होना है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इसकी मियाद दो अगस्त तक बढ़ाई जा सकती है।

पटल पर इस तरह का प्रस्ताव रखे जाने से पहले संसदीय कार्य मंत्री विपक्षी दलों के नेताओं से संपर्क में हैं। यह बात ठीक है कि विपक्ष के कुछ नेताओं का कहना है कि वह इस तरह के प्रस्ताव के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन संसद की कार्यवाही की अवधि सुनिश्चित करने का अधिकार सत्तारूढ़ दल का है।

सत्र की अवधि बढ़ाने पर विपक्षी दलों द्वारा सवाल उठाए जाने पर एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि सांसदों को इस तथ्य से भागना नहीं चाहिए कि लोग उन्हें काम करने के लिए चुनते हैं।

बता दें कि फिलहाल 13 महत्वपूर्ण बिलों को दोनों सदनों की मंजूरी मिलना बाकी है। इसमें तीन तलाक जैसा महत्वपूर्ण बिल भी है। थिंक टैंक पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के मुताबिक 17 जून से शुरू हुए 17वीं लोकसभा के पहले सत्र के दौरान पिछले 20 वर्षो में सबसे अधिक कामकाज हुआ है।

Posted By: Dhyanendra Singh

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