अमरावती, प्रेट्र। आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ वाइएसआर कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कथित रूप से मंगलगिरी स्थित तेलुगु देसम पार्टी (तेदेपा) के मुख्यालय और विशाखापटनम व अन्य जगहों पर स्थित कार्यालयों में तोड़फोड़ की। इस घटना के विरोध में तेदेपा ने बुधवार को प्रदेश बंद का आयोजन करने की घोषणा की है।

वाईएसआर कांग्रेस का आरोप है कि विपक्षी दल के प्रवक्ता ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इससे पहले, मंगलवार सुबह ही तेदेपा प्रवक्ता के पट्टाभिराम ने पूर्व मंत्री नक्का आनंदा बाबू को पुलिस नोटिस भेजे जाने पर आपत्ति दर्ज कराई। बाबू ने कथित तौर पर जगन के विरुद्ध विवादास्पद टिप्पणी की थी।

आंध्र प्रदेश तेदेपा के अध्यक्ष अचननायडू ने कहा कि मुख्यालय व कार्यालयों और पार्टी नेताओं के आवासों पर वाईएसआर कांग्रेस के गुंडों द्वारा किए गए हमले की पार्टी कड़ी निंदा करती है। हमें समझ में नहीं आता कि हम लोकतांत्रिक देश में रहते हैं या फासीवादी देश में। मुख्यमंत्री को इन हमलों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

टीडीपी के कई नेताओं ने वाईएसआर कांग्रेस पर साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू सहित तेदेपा नेताओं ने भी तेलंगाना पुलिस द्वारा विशाखापत्तनम जिले की अराकू घाटी में गांजा तस्करों के खिलाफ अभियान चलाने को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। विधान परिषद के सदस्य और चंद्रबाबू नायडू के बेटे लोकेश नायडू ने कहा सत्ताधारी दल के नेताओं ने हमें चुप कराने के लिए हमारे कार्यालयों पर इन हमलों का आदेश दिया है।

नायडू ने अमित शाह से की शिकायत

तेदेपा नेताओं ने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश पुलिस नशीले पदार्थों के व्यापार पर कार्रवाई नहीं कर रही है क्योंकि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के कई नेता गांजा किसानों और तस्करों से जुड़े हैं। तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और आंध्र प्रदेश के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन से पार्टी कार्यालयों पर मंगलवार के हमलों की शिकायत की। नायडू ने अमित शाह से टीडीपी कार्यालयों और पार्टी कैडरों को केंद्रीय सुरक्षा कवर प्रदान करने का अनुरोध किया और कहा कि हमले पूर्व नियोजित और राजनीति से प्रेरित थे।

Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan