चेन्नई, एजेंसी। अन्नाद्रमुक (AIADMK) के अंतरिम महासचिव के. पलानीस्वामी (K Palaniswami) ने मंगलवार को कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए वरिष्ठ नेता पनरुट्टी एस रामचंद्रन (Panrutty S Ramachandran) को पार्टी से हटाने की घोषणा की। रामचंद्रन द्वारा अंतरिम पार्टी प्रमुख के खिलाफ कथित तौर पर कुछ आलोचनात्मक टिप्पणी करने के बाद यह कार्रवाई की गई।

पार्टी ने जारी किया बयान

पार्टी के एक बयान में, पलानीस्वामी ने कहा कि रामचंद्रन को पार्टी के संगठन सचिव के रूप में और साथ ही अन्नाद्रमुक की प्राथमिक सदस्यता से हटाया जा रहा है। रामचंद्रन 'पार्टी सिद्धांतों और नियमों के खिलाफ गए।'

राजनीतिक सलाहकार बनाए गए रामचंद्रन

इस बीच, पलानीस्वामी के प्रतिद्वंद्वी ओ पनीरसेल्वम (O Pannerselvam), जो खुद को अन्नाद्रमुक के 'समन्वयक' बताते हैं, ने रामचंद्रन को पार्टी के 'राजनीतिक सलाहकार' के रूप में 'नियुक्त' करने की घोषणा की।

इससे पहले मद्रास उच्च न्यायालय ने पन्नीरसेल्वम और उनके कुछ सहयोगियों को 'निष्कासित' करने के अन्नाद्रमुक महापरिषद के 11 जुलाई के फैसले को बरकरार रखा था।

AIADMK के नेतृत्व विवाद पर दो सितंबर को लगा विराम

बता दें, अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कष़गम (अन्नाद्रमुक) के नेतृत्‍व को लेकर जारी विवाद पर मद्रास हाईकोर्ट ने दो सितंबर को विराम लगा दिया है। कोर्ट ने इस मुद्दे पर सुनवाई करते हुए पलानीस्‍वामी को पार्टी के अंतरिम महासचिव माने जाने वाले आम परिषद की बैठक के फैसले को सही ठहराया, जिससे पनीरसेल्वम को करारा झटका लगा है।

इससे पहले, AIADMK ने 11 जुलाई को आम परिषद की बैठक बुलाई थी, जिसमें यह फैसला लिया गया था कि विपक्ष के नेता पलानीस्‍वामी पार्टी के अंतरिम महासचिव होंगे। जबकि पनीरसेल्‍वम को पार्टी से बाहर कर दिया गया। पनीरसेल्‍वम ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। 

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Edited By: Achyut Kumar

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