नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। एक और देश के साथ भारत जल्द ही मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर वार्ता शुरू करने जा रहा है। यह देश इजरायल है, जिसके साथ पहले भी भारत एफटीए पर चर्चा कर चुका है। इजरायल की यात्रा पर गए विदेश मंत्री एस. जयशंकर की सोमवार को वहां के विदेश मंत्री येर लापिड के साथ लंबी बातचीत हुई जिसमें नवंबर, 2021 में एफटीए पर नए सिरे से वार्ता शुरू करने और अगले वर्ष के दौरान एफटीए समझौते को अंतिम रूप देने पर सहमति बनी है।

यरुशलम में विदेश मंत्री जयशंकर और इजरायल के विदेश मंत्री येर लापिड के बीच बनी सहमति

पिछले कुछ हफ्तों में भारत संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और यूरोपीय संघ के साथ एफटीए पर बातचीत शुरू कर चुका है, जबकि कुछ ही हफ्तों में एफटीए को लेकर अमेरिका और आस्ट्रेलिया से बातचीत शुरू होने जा रही है। लापिड के साथ बातचीत के बाद विदेश मंत्री की तरफ से जारी बयान में यह जानकारी दी गई है। उन्होंने यह भी बताया, 'इजरायल भारत की अगुआई वाले अंतरराष्ट्रीय सोलर एलायंस (आइएसए) का सदस्य बन गया है और इजरायल का आना इस संगठन के लिए काफी फायदेमंद रहेगा।'

जयशंकर ने कहा कि उन्हें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि दोनों देशों के अधिकारियों के बीच भारत-इजरायल मुक्त कारोबार समझौते को नए सिरे से शुरू करने पर सहमति बन गई है। बातचीत नवंबर, 2021 से शुरू होगी और अधिकारियों को भरोसा है कि वे जून, 2022 तक वार्ता संपन्न कर लेंगे। जयशंकर ने बताया कि दोनों देशों के बीच एक और सहमति बनी है और यह कोरोना काल में यात्रा करने को लेकर है। सैद्धांतिक तौर पर हम इस बात पर तैयार हो गए हैं कि एक दूसरे के देश में दिए जाने वाले प्रमाणित टीकाकरण को मान्यता देंगे। अभी हम इस पर अंतरिम तौर पर काम कर रहे हैं।

कोविशील्ड लगाने वाले भारतीयों को यात्रा की इजाजत देगा इजरायल

इस बीच, इजरायल भारत में कोविशील्ड का टीका लेने वाले भारतीयों को यात्रा करने की इजाजत देगा। उन्होंने दोनों देशों की महिला वैज्ञानिकों के अगले महीने होने वाले सम्मेलन के बारे में भी बताया। विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्ते स्थापित हुए तीन दशक हो चुके हैं और अब यह रिश्तों के नए युग की शुरुआत की तैयारी है। जयशंकर ने इजरायल के विदेश मंत्री को भारत यात्रा के लिए भी आमंत्रित किया।

लापिड ने कहा कि वह भारत के साथ द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने को वरीयता के तौर पर ले रहे हैं। भारत सिर्फ हमारा रणनीतिक साझेदार नहीं है बल्कि सबसे महत्वपूर्ण मित्र देश भी है। कृषि और जल संसाधन के क्षेत्र में मौजूदा रिश्तों को और किस तरह से आगे बढ़ाया जाए, इस पर भी दोनों मंत्रियों के बीच बात हुई।

Edited By: Arun Kumar Singh