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जेएनएफ, जम्मू। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और देश के तत्कालीन गृहमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी डॉ. रूबिया सईद के अपहरण और वायुसेना के पांच अधिकारियों की हत्या के मामले में टाडा कोर्ट ने जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के मुखिया यासीन मलिक के खिलाफ ताजा वारंट जारी किया है। कोर्ट ने तिहाड़ जेल के प्रभारी को अगली सुनवाई के दौरान मलिक को पेश करने का निर्देश दिया है।

पहली अक्टूबर को होंगी आरोप तय पर बहस

कोर्ट ने आरोप तय या खारिज करने पर बहस शुरू करने के लिए पहली अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है। इसके साथ ही इस मामले में अन्य आरोपितों शौकत बख्शी, मुहम्मद रफीक, जावेद अहमद मीर, मंजूर अहमद सोफी, जावेद अहमद जरगर, मीर रफीक, वजाहत बशीर, मंजूर अहमद, मेहराज-उद-दीन व जमन मीर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए उनकी जमानत देने वालों को पेश करने का निर्देश दिया है।

रूबिया सईद अपहरण मामला

गौरतलब है कि डॉ. रूबिया सईद अपहरण मामले में सीबीआइ चालान के मुताबिक श्रीनगर के सदर पुलिस स्टेशन में 8 दिसंबर 1989 को रिपोर्ट दर्ज हुई थी, जिसके अनुसार रूबिया मिनी बस में ललदेद अस्पताल श्रीनगर से नौगाम स्थित अपने घर जा रही थी। तभी कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने उसका अपहरण कर लिया था।

सीबीआइ ने जांच पूरी करने के बाद 18 सितंबर 1990 को जम्मू की टाडा कोर्ट में आरोपितों के खिलाफ चालान पेश किया।

पांच एयरफोर्स अधिकारियों की मौत का मामला

सीबीआइ के दूसरे चालान के मुताबिक 25 जनवरी 1990 की सुबह करीब साढ़े सात बजे रावलपोरा में किराये पर रह रहे एयरफोर्स अधिकारी गाड़ी के लिए सनत नगर क्रॉसिंग पर खड़े थे, तभी आतंकियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। उस समय वहां एक महिला समेत करीब 40 एयरफोर्स अधिकारी मौजूद थे, जो गंभीर रूप से घायल हो गए। दो अधिकारियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य ने बाद में दम तोड़ दिया। यासीन मलिक इस समय नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में कैद है।

Posted By: Bhupendra Singh

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