गोरखपुर, महेंद्र कुमार त्रिपाठी। अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन के अगुवा जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि अयोध्या के बाद अब अल्फाबेटिकल क्रम में काशी विश्वनाथ व मथुरा को लेकर चलेंगे। दोनों जगहों पर मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने का प्रमाण है। जरूरत पडऩे पर हर न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत करूंगा। स्‍वामी रामभद्राचार्य देवरिया जिले के भटनी क्षेत्र के जिगिना मिश्र गांव में श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के दौरान दैनिक जागरण से विशेष बातचीत कर रहे थे।

रामानंदाचार्य ने संभाला था हिंदू धर्म रक्षा का मोर्चा

उन्‍होंने कहा कि राजसत्ता के कार्यकाल में हिंदू धर्म के तीर्थ स्थलों के मंदिर नष्ट कर दिए गए। सिर्फ प्रयाग व चित्रकूट में राजसत्ता के अनुयायी कुछ नहीं कर सके। बाकी हिंदू धर्मस्थलों को तहस-नहस करने का सिलसिला जारी रखा, जिसका विरोध करने के लिए रामानंदाचार्य जी ने मोर्चा संभाला और हिंदू धर्म की रक्षा की।

अयोध्‍या में दुनिया का सबसे भव्‍य मंदिर बनेगा

उन्‍होंने कहा कि अयोध्या में दुनिया का सबसे भव्य मंदिर बनेगा। मंदिर आंदोलन के अग्रणी पंक्ति में मैं रहा हूं, मंदिर निर्माण कार्य के दौरान भी मैं रहूंगा, यह मेरा सौभाग्य है। न्यायालय में अयोध्या मामले में 780वें पेज से मेरे द्वारा दाखिल किए गए साक्ष्य व उद्धरण हैं।

गोवंश की संख्या में निरंतर कमी के लिए पूर्ववर्ती सरकारें जिम्‍मेदार

एक सवाल के जवाब में उन्‍होंने कहा कि गोवंश की संख्या में निरंतर हुई कमी के लिए भाजपा को छोड़कर पूर्ववर्ती सरकारें जिम्मेदार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के गोरक्षा अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि जो संध्या वंदन भगवान श्रीराम करते थे वही मैं भी कर रहा हूं। इसे सभी हिंदुओं को करना चाहिए। उत्तर प्रदेश सरकार से मुझे उत्तर प्रदेश साहित्य भूषण पुरस्कार मिला है, यह सब ईश्वर की देन है। मेरे पास कुछ नहीं है, सिर्फ भगवान श्रीराम की कृपा है। 

Posted By: Satish Shukla

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