नई दिल्ली, एएनआइ। चारा घोटाले में जेल में बंद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की जमानत के खिलाफ सीबीआइ की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा। देवघर ट्रेजरी घोटाले से जुड़े मामले में सजा की आधी अवधि खत्म होने के बाद झारखंड हाई कोर्ट ने हाल ही में लालू यादव की जमानत के आदेश दिए हैं। मामले की जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

उल्लेखनीय है कि चारा घोटाले में राजद सुप्रीम को वर्ष 2018 में भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) के तहत सात वर्ष और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत सात वर्ष की सजा हुई थी। कोर्ट ने उन पर 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। यह मामला दुमका ट्रेजरी से अवैध निकासी से जुड़ा है। वर्ष 1991-96 के दौरान पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने ट्रेजरी से गलत तरीके से 3.5 करोड़ रुपये निकाले थे। उस समय लालू यादव अविभाजित बिहार के मुख्यमंत्री थे।

बीते दिनों विशेष सीबीआइ अदालत ने रांची के रिम्स में भर्ती चारा घोटाला के चार मामलों के सजायाफ्ता लालू प्रसाद यादव को राहत देते हुए यह छूट दी कि वह अपने अधिवक्ता से एक हफ्ते में तीन बार मिल सकेंगे। चारा घोटाले के दुमका कोषागार मामले में सजायाफ्ता और डोरंडा कोषागार मामले में आरोपित लालू यादव ने कानूनी सुविधा के लिए सीबीआइ के विशेष जज एसके शशि की अदालत में आवेदन देकर गुजारिश की थी कि हफ्ते में कम से कम तीन दिन उनके अधिवक्ता को मिलने देने की छूट दी जानी चाहिए। मौजूदा वक्‍त में लालू का इलाज रिम्स में चल रहा है। 

 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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