नई दिल्ली, प्रेट्र। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह अयोग्य ठहराए गए कांग्रेस-जदएस के 17 विधायकों के मामले में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की ताजा आडियो क्लिप पर विचार करेगा। इन विधायकों की वजह से ही कर्नाटक में भाजपा सरकार बन पाई थी। वायरल वीडियो में येदियुरप्पा भाजपा सरकार बचाने में मदद नहीं करने और अयोग्य ठहराए गए कांग्रेस-जदएस विधायकों के बलिदान को स्वीकार नहीं करने के लिए अपनी ही पार्टी के नेताओं पर बरस रहे हैं। 

वीडियो में येदियुरप्पा को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि राज्य में कांग्रेस-जदएस गठबंधन सरकार के आखिरी दिनों में गठबंधन के बागी विधायकों को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की निगरानी में मुंबई में रखा गया था। इन बागी विधायकों को बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने अयोग्य करार दिया था।

जस्टिस एनवी रमना के नेतृत्व वाले तीन जजों की पीठ ने कहा कि चूंकि यह मामला उसके संज्ञान में लाया गया है, इसलिए वह इस पर गौर करेगी। हालांकि, पीठ ने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या वह ऑडियो क्लिप को रिकॉर्ड पर लेगी या नहीं।

शीर्ष अदालत ने कहा कि अभी उठाए गए मामले को बागी विधायकों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान भी उसके समक्ष लाया गया था। इन विधायकों ने अयोग्य ठहराने के तत्कालीन स्पीकर के फैसले को चुनौती दी है।

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस की तरफ से अदालत में पेश वकील कपिल सिब्बल ने पीठ से कहा कि क्लिप में येदियुरप्पा यह कह रहे हैं कि इस सारे प्रकरण के कर्ताधर्ता भाजपा अध्यक्ष अमित शाह थे। उन्हीं की निगरानी में इन विधायकों को मुंबई के होटल में रखा गया था। सिब्बल ने कहा कि स्पीकर के आदेश के खिलाफ विधायकों की याचिका पर चूंकि अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा है, इसलिए वह चाहते हैं कि ऑडियो क्लिप को भी अदालत रिकॉर्ड पर रखे। पीठ ने जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस कृष्ण मुरारी भी शामिल थे।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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