नई दिल्ली, प्रेट्र। उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा की जनहित याचिका पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। मोइत्रा ने आयोग को निर्देश देने की मांग की कि आम चुनाव और विधानसभा चुनावों का परिणाम घोषित होने के बाद चुनाव आयोग अपनी वेबसाइट पर मतदान प्रतिशत और कुल पड़े वोट के बारे में जानकारी प्रकाशित करे।

कुल पड़े वोट के बार में जानने का मूलभूत अधिकार

तृणमूल सांसद की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायणनने कहा कि चुनाव संचालन नियमावली, 1961 के तहत चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद इस तरह की जानकारी देना आवश्यक है। इसके अलावा नागरिकों को संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत चुनावों में मतदान प्रतिशत और कुल पड़े वोट के बारे में जानने का मूलभूत अधिकार है।

याचिका में कहा गया कि चुनाव आयोग की वेबसाइट पर इस तरह की सूचना प्रकाशित की जाती रही है, लेकिन अब इसे खत्म कर दिया गया है।

बता दें कि संसद में अपने पहले ही भाषण से देश भर में चर्चा में रही महुआ मोइत्रा कोलकाता के एक बंगाली परिवार में 5 मई 1975 को पैदा हुईं हैं। टीएमसी सांसद महुआ ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 2009 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से की है। राहुल गांधी की ‘आम आदमी के सिपाही’ परियोजना की वह एक मुख्य सदस्य रहीं हैं।  वह कांग्रेस के साथ ज्यादा दिनों तक नहीं रहीं और फिर तृणमूल कांग्रेस में आ गईं। अपने मजबूत इरादे, तेज तर्रार, ओजस्वी भाषण और जिंदादिली के कारण वह अपनी नई पार्टी में शीघ्र ही बहुत लोकप्रिय हो गईं।

Posted By: Dhyanendra Singh

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