नई दिल्‍ली, एएनआइ। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया जिसमें ईवीएम (electronic voting machines, EVM) के इस्‍तेमाल पर सवाल उठाए गए थे और हाल में हुए लोकसभा चुनावों को रद करने की मांग की गई थी। वकील मनोहर लाल शर्मा की ओर से दाखिल की गई इस याचिका पर जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन (Justice Rohinton Fali Nariman) की अध्‍यक्षता वाली बेंच ने सुनवाई की।  

क्‍या आप मिस्‍टर शर्मा के लिए चाहते हैं कि हम पूरा चुनाव ही रद कर दें... जस्टिस नरीमन ने सुनवाई के दौरान बेहद तल्‍ख टिप्‍पणी करते हुए याचिका खारिज कर दी। याचिका में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (आरपीए), 1951 के 61ए के तहत प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग को बैलेट पेपर की जगह ईवीएम का इस्‍तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि आरपीए में विशेष रूप से बैलेट पेपर का ही उल्लेख किया गया है।

इससे पहले 17 जून को सर्वोच्‍च अदालत ने इस याचिका पर त्‍वरित सुनवाई से इनकार कर दिया था। अभी हाल ही में मुंबई के एक वकील सुनीव अह्या ने भी इवीएम को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुनीव अह्या ने जनहित याचिका के जरिए इवीएम के सोर्स कोड और ईवीएम ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर (ETS) की प्रमाणिकता पर सवाल उठाया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को दो हफ्ते का समय दिया है।

हाल ही में अभिनेता और तमिलनाडु से तमिलर काची पार्टी के उम्मीदवार मंसूर अली खान ने सुप्रीम कोर्ट में इवीएम को लेकर एक याचिका दायर की थी। याचिका में मांग की गई थी कि सुप्रीम कोर्ट चुनाव आयोग को निर्देश दे कि वह उसे ईवीएम में गड़बड़ी साबित करने के लिए एक मौका दें। उनका कहना है कि ईवीएम में गड़बड़ी करना संभव है। वह इसे साबित कर सकते हैं।

Posted By: Krishna Bihari Singh

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