नई दिल्ली (जेएनएन)। संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' की रिलीज को रोकने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। फिल्म को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अब सेंसर बोर्ड के खिलाफ याचिका दायर की गई है। इस याचिका में सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म पद्मावत को दिए गए सर्टिफिकेट को असंवैधानिक बताया गया है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है। ये याचिका वकील मनोहर लाल शर्मा ने दायर की थी।

राज्य फिल्म रिलीज नहीं रोक सकते: SC

मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की तीन न्यायाधीशों की पीठ ने कहा, 'हम एक संवैधानिक न्यायालय के रूप में कार्य कर रहे हैं और यह पहले ही कल अंतरिम आदेश में कहा जा चुका है कि राज्य किसी फिल्म की स्क्रीनिंग को नहीं रोक सकता है।'

फिल्म पर रोक लगाने से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सुरक्षा देना राज्‍य सरकार की जिम्‍मेदारी है हमारी नहीं। इससे पहले याचिका‍कर्ता वकील मनोहर लाल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि पद्मावत रिलीज होने के बाद अगर देश में कानून व्‍यवस्‍था बिगड़ती है और दंगे जैसे हालात बनते हैं, तो इसके लिए फिल्म जिम्मेदार होगी।  

वहीं, पद्मावत पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'मैंने एडवोकेट जनरल को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अध्ययन करने के लिए बोला है। फैसले पढ़ने का बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।'

चार राज्यों को 'सुप्रीम' झटका

बता दें कि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने चार राज्यों द्वारा फिल्म पद्मावत पर लगाए गए बैन को असंवैधानिक बताया था। साथ ही राज्य सरकारों को कानून व्यवस्था संभालने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने यह सवाल पूछा कि जब सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिल गया है तो इस फिल्म को रिलीज होने से क्यों रोका जा रहा है। बता दें कि पद्मावत को लेकर छिड़े विवाद को लेकर मध्यप्रदेश, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान ने फिल्म पर बैन लगा दिया था। राज्यों के इस फैसले के खिलाफ निर्माता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।


पद्मावत, धमकी और फिल्म रिलीज

तमाम विरोध के चलते भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' का नाम बदलकर 'पद्मावत' कर दिया गया लेकिन बवाल तब भी शांत नहीं हुआ। फिल्म की शूटिंग के दौरान से यह बवाल जारी है। फिल्म पिछले साल एक दिसंबर को रिलीज होने वाली थी, लेकिन करणी सेना समेत कुछ राजपूत संगठनों के बवाल को देखते हुए इसकी रिलीज डेट को आगे बढ़ाना पड़ा। कई संगठनों ने तरह-तरह की धमकियां देकर भंसाली और फिल्म के कलाकारों को भी डराने की कोशिश की। कई संगठनों के उग्र विरोध की आशंका में ही कई राज्यों ने फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी। आखिरकार फिल्मकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और अब कोर्ट ने फिल्म के सभी राज्यों में रिलीज को हरी झंडी दिखा दी है। अब फिल्म 25 जनवरी को रिलीज होगी।

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Posted By: Nancy Bajpai

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