नई दिल्ली, प्रेट्र। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मानहानि मुकदमा मामले में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को नोटिस जारी किया। ईरानी को यह नोटिस कांग्रेस नेता संजय निरुपम की अर्जी पर जारी किया गया है जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ चल रहे मानहानि के मुकदमे को खारिज करने की मांग की है। ईरानी ने निरुपम पर मानहानि का मुकदमा दायर किया हुआ है।

इनमें से एक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट निरुपम के दायर मुकदमे पर स्मृति ईरानी के लिए जारी हुए नोटिस को खारिज कर चुका है। हाई कोर्ट ने ईरानी की याचिका पर निरुपम की इसी तरह की राहत की अर्जी को अस्वीकार कर दिया है।

हाई कोर्ट ने 19 दिसंबर, 2018 को सुनवाई के दौरान कहा कि निरुपम के खिलाफ मामला जारी रहेगा। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने निरुपम की अर्जी पर ईरानी को नोटिस जारी किया।

अर्जी में कांग्रेस नेता निरुपम ने निचली अदालत के 11 मार्च, 2013 के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें उन्हें ईरानी ने मानहानि मुकदमे में उन्हें आरोपित के तौर पर तलब किया गया था। निरुपम ने ईरानी द्वारा एक जनवरी, 2013 को दाखिल शिकायत अर्जी को भी खारिज करने की मांग की है। जबकि ईरानी ने इसी से जुड़े मामले में छह जून, 2014 को निचली अदालत द्वारा उन्हें नोटिस जारी किए जाने के आदेश को चुनौती दी है।उस नोटिस और निरुपम द्वारा उनके (ईरानी के) खिलाफ दायर मानहानि मुकदमे को खारिज करने की मांग की है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक-दूसरे पर दायर मानहानि मुकदमों में समझौते की दोनों नेताओं को सलाह दी है। गुजरात विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद 20 दिसंबर, 2012 को एक टीवी कार्यक्रम में चल रही बहस के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगाए थे। दोनों मानहानि मुकदमे उसी से संबंधित हैं।

 

Posted By: Prateek Kumar

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