जागरण ब्यूरो नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद में बालसन चौराहे से पंडित नेहरू की प्रतिमा हटाए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर विचार करने से इन्कार कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने को कहा है।

प्रयागराज में बालसन चौराहा से पंडित नेहरू की मूर्ति हटाने का मामला

वकील विक्रम गुलाटी की ओर से दाखिल याचिका में इलाहाबाद जो कि अब प्रयागराज हो गया है, में बालसन चौराहे से पंडित जवाहर लाल नेहरू की मूर्ति हटाए जाने का विरोध किया गया था और कोर्ट से उत्तर प्रदेश सरकार को पुन: मूर्ति उसी जगह लगाने का आदेश दिये जाने की मांग की गई थी।

याचिका में उत्तर प्रदेश सरकार के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पक्षकार बनाया गया था। सोमवार को मामले पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने गुलाटी की ओर से पेश वकील से कहा कि उन्होंने याचिका सुप्रीम कोर्ट मे क्यों दाखिल की है वह हाईकोर्ट क्यों नहीं गए। कोर्ट का रुख देखते हुए वकील ने हाईकोर्ट जाने के लिए पीठ से याचिका वापस लेने की इजाजत मांगी। कोर्ट ने वकील को याचिका वापस लेने की इजाजत दे दी।

जस्टिस लोकुर ने हंसते हुए कहा कि अब तो इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज हो गया है। हालांकि विक्रम की याचिका का इलाहाबाद का नाम बदलने से कोई लेना देना नहीं था, लेकिन मंगलवार को छपी खबर में भ्रमवश याचिका को इलाहाबाद का नाम बदले जाने के संबंध में बताया गया था।

Posted By: Bhupendra Singh

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