जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत ने एशिया प्रशांत क्षेत्र के देशों के बीच होने वाले मुक्त व्यापार समझौते से अलग होने का फैसला जरूर कर लिया है, लेकिन इस क्षेत्र में अपने रणनीतिक हितों को लेकर पहले से ज्यादा चौकस हो गया है। सोमवार को बैंकॉक में अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत के उच्च अधिकारियों की हुई बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा की गई है वह इसी तरफ इशारा करते हैं। यह बैठक क्वैड के नाम से मशहूर उक्त चार देशों की नई व्यवस्था के तहत हुई है और इससे साफ हो गया है कि अब यह ज्यादा ठोस रूप लेने लगी है।

भारत, अमेरिका, जापान व आस्ट्रेलिया हैं क्वैड के सदस्य

सितंबर में न्यूयॉर्क में इन देशों के विदेश मंत्रियों के बीच आधिकारिक बैठक हुई थी। उसमें जो फैसले लिए गए थे उन्हें किस तरह से आगे बढ़ाया जाए, यह सोमवार को हुई बैठक में बहस का एक खास मुद्दा था। उम्मीद के मुताबिक बैठक में हिंद प्रशांत क्षेत्र से जुड़े मुद्दे सबसे अहम रहे। चारों देशों ने एक सुर में हिंद प्रशांत क्षेत्र को सभी देशों के लिए एक समान अवसर वाला बनाने की बात कही है।

बैंकाक में चारों देशों के अधिकारियों की बैठक में भावी कार्ययोजना पर हुआ विचार

बैठक में एक महत्वपूर्ण फैसला संयुक्त तौर पर अंतरराष्ट्रीय ढ़ांचागत परियोजनाओं को लागू करने की है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बताया है कि क्वैड से जुड़े चारों देश विभिन्न क्षेत्रीय फ्रेमवर्क के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर के ढांचागत परियोजनाओं को आगे बढ़ाएंगे।

चीन की बॉर्डर रोड इनिसिएटिव परियोजना

यह पहला मौका है जब इस बारे में कुछ ठोस योजनाओं पर विचार हुआ है। इन परियोजनाओं की तुलना चीन की तरफ से लागू बॉर्डर रोड इनिसिएटिव (पुराना नाम वन बेल्ट वन रोड-ओबोर) परियोजना से की जा सकती है। भारत अभी तक इस तरह की ढांचागत परियोजनाएं जापान और अमेरिका के साथ मिलकर लगाने के लिए इनके साथ बात कर रहा था, लेकिन ऐसा लगता है कि अब चारों देश संयुक्त तौर पर इस बारे में आगे बढ़ेंगे।

क्वैड एशिया प्रशांत क्षेत्र में आसियान के साथ काम करने को तैयार

क्वैड ने एशिया प्रशांत क्षेत्र में किसी भी तरह की गतिविधि के लिए आसियान देशों को केंद्र में रखने की भी बात की है। भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि एशिया प्रशांत क्षेत्र में एक साझा दृष्टिकोण स्थापित करने के लिए चारों देश आसियान के साथ काम करने को तैयार हैं। बताते चलें कि क्वैड संगठन को एशिया प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते वर्चस्व और अंतरराष्ट्रीय कानूनों की उसकी तरफ से की जा रही अवहेलना के खिलाफ एक गठबंधन के तौर पर भी देखा जाता है। हालांकि चारो देश इससे इनकार करते हैं।

Posted By: Bhupendra Singh

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