विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'पीएम मोदी के साथ संसद में हो सकती थी अप्रत्याशित घटना', स्पीकर ओम बिरला का बड़ा बयान

Published: Thu, 05 Feb 2026 03:15 PM (IST)

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण न हो पाने पर सियासी ...और पढ़ें

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित शारीरिक हमले की योजना को लेकर एक और सियासी विवाद खड़ा हो गया है। स्पीकर ओम बिरला ने दावा किया कि कुछ विपक्षी सांसदों के अप्रिय कदम उठाने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद सदन को स्थगित कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री का धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब इसी वजह से रद्द कर दिया गया। कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बोलने से डर रहे हैं।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा, "देश ने देखा कि कल सदन में क्या हुआ। सबने देखा कि कैसे सांसदों ने सदन में PM की कुर्सी की तरफ जाने की कोशिश की। मुझे जानकारी मिली थी कि कोई अप्रिय घटना हो सकती थी। यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऐसी स्थिति पैदा न हो, मैंने PM मोदी से कहा कि वे सदन में न आएं।"

पोस्टर लेकर आएंगे तो नहीं चलेगा संसद

स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि ये सदन की गरिमा के खिलाफ है। मेरा आग्रह मानने के लिए पीएम का आभार करता हूं। फिलहाल सदन शुक्रवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से साफ कहा कि पोस्टर लेकर आएंगे तो संसद नहीं चलेगा।

स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि बुधवार को लोकसभा में कुछ सदस्यों का व्यवहार गलत था। स्पीकर के ऑफिस में कुछ विपक्षी सदस्यों का व्यवहार एक 'काला धब्बा' है। हम सभी को सदन को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करना चाहिए।

भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, "भारतीय संसद के इतिहास में आजतक यह नहीं हुआ कि प्रधानमंत्री को बोलने से जबरन रोका जाए, घेराव किया जाए और स्पीकर को बताना पड़े कि वो (प्रधानमंत्री सदन में) ना आएं...संसद बहस की जगह है, वहां अपनी बात रखें...यह राहुल गांधी के चेहरे वाली कांग्रेस है।"

स्पीकर के बयान के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा का भी जवाब आया है। प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं। कल उनमें सदन में आने की हिम्मत नहीं थी क्योंकि तीन महिलाएं बेंच के सामने खड़ी थीं। यह क्या बकवास है?.. कोई चर्चा नहीं हो रही है क्योंकि सरकार चर्चा नहीं चाहती है।

प्रधानमंत्री पर अटैक करने की थी योजना

इससे पहले बुधवार को भाजपा सांसद कंगना रनौत ने आरोप लगाया था कि जब पीएम मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देना था तो उससे पहले कांग्रेस सांसदों ने प्रधानमंत्री का रास्ता पूरी तरह घेर लिया था। विपक्षी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष पर भी हमला करने की कोशिश की। उनकी योजना सीधे प्रधानमंत्री पर अटैक करने की थी। कंगना ने कहा, "विपक्ष की महिला सांसद उस जगह इकट्ठा हो गई थीं जहां प्रधानमंत्री बैठते हैं. ऐसे माहौल में प्रधानमंत्री का भाषण न होना एक सही फैसला था."

क्या बोले मनोज तिवारी?

भाजपा नेता मनोज तिवारी ने कहा, 'उन्होंने (विपक्ष) पूरा घेर लिया था इसलिए तो प्रधानमंत्री जी नहीं आए। विपक्ष की करीब 7-8 महिला सांसद वो आगे आकर, जहां प्रधानमंत्री जी बैठते हैं, वहां और जहां से प्रधानमंत्री जी आते हैं वहां तक इन्होंने पूरा घेर लिया। तब प्रधानमंत्री जी को रुकना पड़ा होगा।'

यह भी पढ़ें- निशिकांत दुबे के 'किताब वार' से थर्राई लोकसभा, सदन से लेकर सोशल मीडिया तक छिड़ी जंग; स्पीकर तक पहुंचा मामला

यह भी पढ़ें- 'अपनी पार्टी को अबोध बालक का बंधक मत बनाइए', राज्यसभा में खरगे से बोले जेपी नड्डा